अगर आप भोपाल में घर, प्लॉट या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले दिनों में आपका बजट प्रभावित हो सकता है। शहर की 621 प्राइम लोकेशन्स पर प्रॉपर्टी की गाइडलाइन दरें बढ़ाने का प्रस्ताव सामने आया है। प्रस्ताव लागू होने पर रजिस्ट्री की लागत बढ़ेगी और स्टांप ड्यूटी के रूप में खरीदारों को ज्यादा राशि चुकानी पड़ेगी।
प्रस्ताव के तहत शहर के प्रमुख इलाकों में खरीद-फरोख्त महंगी हो सकती है। इनमें कोलार रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड और भोपाल बायपास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में पहले से ही रियल एस्टेट की मांग अधिक है। गाइडलाइन दर बढ़ने का सीधा असर बाजार भाव और रजिस्ट्री मूल्य पर पड़ेगा, जिससे निवेश और आवासीय खरीद दोनों महंगे हो सकते हैं।
भोपाल: बढ़ेगा आर्थिक दबाव
मौजूदा महंगाई के दौर में अपने घर का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह प्रस्ताव चिंता बढ़ाने वाला है। गाइडलाइन रेट बढ़ने से स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क में इजाफा होगा। इससे खरीदारों को अतिरिक्त रकम की व्यवस्था करनी पड़ेगी। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कुछ समय के लिए बाजार की गति भी प्रभावित हो सकती है।
जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी
गाइडलाइन दरों में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर कुछ जनप्रतिनिधियों ने असहमति जताई है। उनका कहना है कि पिछली बार भी कई क्षेत्रों में दरें बढ़ाई गई थीं, इसलिए इतने कम अंतराल में दोबारा वृद्धि उचित नहीं है। उनका तर्क है कि बार-बार रेट बढ़ने से आम खरीदार की जेब पर सीधा असर पड़ता है और प्रॉपर्टी बाजार में असंतुलन पैदा हो सकता है।
पहले भी बढ़ चुकी हैं दरें
भोपाल जिला मूल्यांकन समिति 11 महीने में दूसरी बार गाइडलाइन दरें बढ़ाने की तैयारी में है। इससे पहले 1,312 लोकेशन्स पर औसतन 11 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। उस सूची में सुल्तानिया रोड, गांधीनगर, दानिश हिल्स, मैकेनिकल मार्केट, नयापुरा और जहांगीराबाद जैसे इलाके शामिल थे। अब नई सूची लागू होती है या नहीं, इस पर अंतिम फैसला जल्द होने की संभावना है।
