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जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

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Published On: 26 February 2026

जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर ने परिसर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति कैंपस के अंदर कुत्तों को भोजन कराते पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

निर्णय की जानकारी देने के लिए विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक आदेशात्मक बैनर भी लगाया गया है। इसमें साफ शब्दों में लिखा गया है कि परिसर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाना प्रतिबंधित है। प्रबंधन ने इसे सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के अनुपालन से जोड़ा है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों से जुड़े मामलों में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर

शहर में इन दिनों डॉग बाइट के मामलों में तेजी देखी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, ग्वालियर में प्रतिदिन 250 से अधिक लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। हाल ही में विश्वविद्यालय परिसर में ही एक आवारा कुत्ते ने एक ही दिन में 7 से 8 लोगों को काट लिया था। इस घटना के बाद छात्रों और प्रोफेसरों के बीच भय का माहौल बन गया। सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।

आवासीय परिसर में बढ़ी चिंता

विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रावास, शिक्षकों के आवास और अन्य रिहायशी क्षेत्र स्थित हैं। रोजाना करीब पांच हजार लोग परिसर में सुबह-शाम सैर के लिए आते हैं। ऐसे में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और आक्रामक घटनाओं ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। प्रबंधन का मानना है कि भोजन उपलब्ध होने से कुत्ते एक जगह इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।

जनसंपर्क अधिकारी ने दी जानकारी

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विमलेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि यह निर्णय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को भोजन न देने की बात कही गई है। परिसर में हालिया घटनाओं को देखते हुए यह कदम जरूरी हो गया था। प्रशासन ने अपील की है कि सभी छात्र, कर्मचारी और आगंतुक नियमों का पालन करें, ताकि परिसर में सुरक्षित वातावरण बना रहे।

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