ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में सितंबर 2025 में 15 वर्षीय सोनम पुत्री सुरेश जाटव ने एसिड पीकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नाबालिग को उसकी मां के प्रेमी द्वारा लगातार प्रताड़ित और धमकाया जा रहा था।
मामले की जांच बहोड़ापुर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर शुरू की। नाबालिग के बयान में उसने स्पष्ट किया कि हसनपुरा बिजौली निवासी अनिल जाटव उसे बार-बार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना देता था। बयान के आधार पर पुलिस ने अनिल जाटव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।
आरोपी का संबंध परिवार से ग्वालियर
पुलिस के अनुसार, मृतका की मां का पहले छिंदवाड़ा निवासी सुरेश के साथ विवाह था। दो बच्चों के जन्म के बाद मां ने अपने पति को छोड़ दिया और बिजौली निवासी अनिल जाटव के साथ रहने लगी। नाबालिग सोनम और उसका भाई भी मां के साथ ही रह रहे थे। इसी दौरान अनिल जाटव द्वारा नाबालिग को प्रताड़ित किए जाने की जानकारी मिली।
गिरफ्तारी की कार्रवाई
टीआई बहोड़ापुर आलोक परिहार ने बताया कि एफआईआर दर्ज होते ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसआई अतुल सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक भूपेंद्र जाट, रणवीर सिंह और आरक्षक गिर्राज को जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस जब बिजौली पहुंची, तो आरोपी घर से फरार मिला। ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में सूचना मिलने के बाद घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस घटना ने परिवार और आसपास के इलाके में चिंता पैदा कर दी है। पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्याय के सामने लाया जाएगा। इसके अलावा, बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।
आरोपी की कानूनी स्थिति
अनिल जाटव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज होने के साथ ही उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, मामले की गहन जांच जारी है और आरोपी पर पूरे सबूत जुटाए जा रहे हैं।
