ग्वालियर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों से चल रही पश्चिमी हवाओं के कारण दिन और रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में नमी की कमी और शुष्क हवाओं के प्रभाव से ठंड लगभग खत्म हो चुकी है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही गर्मी ने दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को दिन में हल्की तपिश का एहसास होने लगा है।
शुक्रवार सुबह शहर का न्यूनतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से ज्यादा है। दिन में तेज धूप के चलते गर्मी महसूस हो रही है, जबकि सुबह और शाम हल्की ठंड बनी हुई है। दिन और रात के तापमान में 15 से 18 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर देखा जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
ग्वालियर में बदला मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यदि पश्चिमी हवाओं का असर जारी रहा तो फरवरी के अंत तक तापमान में और वृद्धि संभव है। हालांकि मार्च की शुरुआत में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। साफ आसमान और शुष्क हवा के कारण गर्मी का प्रभाव बढ़ता रहेगा।
आर्द्रता में कमी से बढ़ी परेशानी
विशेषज्ञों का कहना है कि आर्द्रता में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे वातावरण सूखा हो गया है। इसका असर त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र पर पड़ सकता है। कई लोगों को गला सूखने और त्वचा में खिंचाव जैसी समस्याएं महसूस होने लगी हैं। तापमान में तेजी से बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम के मामले भी बढ़ सकते हैं।
चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर की तेज धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के, सूती कपड़े पहनें। सुबह और शाम के तापमान में अंतर को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम के इस बदलते रुख ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस बार गर्मी समय से पहले असर दिखा सकती है। ऐसे में शहरवासियों को अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने की आवश्यकता है।
