दिल्ली पुलिस ने रविवार को ग्वालियर से यूथ कांग्रेस के एक नेता को गिरफ्तार कर दिल्ली ले जाया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तारी AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के संबंध में की गई है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार नेता कार्यक्रम स्थल पर हुए प्रदर्शन में शामिल था। हालांकि स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों ने औपचारिक बयान देने से परहेज किया है।
घटना दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान की है। कार्यक्रम के बीच यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस तरह के प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि प्रभावित होती है। कार्यक्रम की वीडियो फुटेज के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उसी क्रम में कार्रवाई की जा रही है।
AI इम्पैक्ट समिट
पुलिस को शक है कि ग्वालियर के यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में रहने वाले यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र यादव भी इस प्रदर्शन में शामिल थे। इसी आधार पर दिल्ली से आई टीम ने उन्हें हिरासत में लिया। कार्रवाई के बाद उन्हें दिल्ली रवाना कर दिया गया। फिलहाल आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उनके खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं।
कांग्रेस ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना पर्याप्त सूचना के घर में प्रवेश किया और परिवार के सदस्यों को परेशान किया। उनका कहना है कि न तो कोई स्पष्ट सूचना दी गई और न ही कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता दिखाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घर से मोबाइल फोन जब्त किए गए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सुबह से पार्टी के पदाधिकारी थाने और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
राजनीतिक तापमान बढ़ा
इस कार्रवाई के बाद ग्वालियर और दिल्ली दोनों जगह राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर पुलिस इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे दबाव की कार्रवाई करार दे रही है। मामले की विस्तृत जानकारी और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।
