इंदौर के एमटीएच अस्पताल से बुधवार सुबह एक 15 वर्षीय किशोरी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। किशोरी शहर के एक बालिका गृह में रह रही थी और गर्भावस्था तथा पेट में संक्रमण की शिकायत के चलते 20 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराई गई थी। उसकी सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल भी तैनात था।
सुबह करीब 7 बजे वह बाथरूम जाने की बात कहकर वार्ड से बाहर निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी देर तक इंतजार के बाद जब महिला पुलिसकर्मियों ने तलाश शुरू की तो उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इंदौर के एमटीएच अस्पताल
अस्पताल परिसर में व्यापक खोजबीन की गई, लेकिन किशोरी का पता नहीं चल सका। इसके बाद सेंट्रल कोतवाली थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली है। रेलवे पुलिस और बिहार पुलिस को भी सूचना भेजी गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अस्पताल स्टाफ से पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार, करीब एक माह पहले जीआरपी को किशोरी इंदौर रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मिली थी। काउंसलिंग के दौरान उसने बताया था कि उसके माता-पिता नहीं हैं और चाचा-चाची ने उसे पांच लाख रुपए में राजस्थान के माधोपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति को बेच दिया था। किशोरी ने आरोप लगाया था कि वहां उससे घर का काम करवाया जाता था और उसके साथ दुष्कर्म किया जाता था।
शोषण से बचकर पहुंची थी इंदौर
किशोरी ने पुलिस को बताया था कि 26 जनवरी 2026 की रात वह किसी तरह वहां से भाग निकली और ट्रेन से इंदौर पहुंची। जीआरपी ने शून्य पर मामला दर्ज कर प्रकरण मधुबनी (बिहार) भेज दिया था। बाद में उसे चाइल्ड लाइन के माध्यम से शहर के एक बालिका गृह में रखा गया था, जहां वह तब से रह रही थी।
पुलिस ने बनाई विशेष टीम
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि अस्पताल से गायब होने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और किशोरी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को किशोरी के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।
