इंदौर के नंदलालपुरा क्षेत्र से जुड़े किन्नर गुरु सपना से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। दो साल पुरानी शिकायत के आधार पर पंढरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद विवाद और गहराता जा रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद सपना ने इसे साजिश करार देते हुए कई संवैधानिक और प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को पत्र लिखे हैं, जिनमें राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर शामिल हैं।
सपना का आरोप है कि जेल से रिहा होने के बाद उनके खिलाफ बिना किसी जांच के एफआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने पत्रों में लिखा है कि 21 जनवरी को जेल से बाहर आने के बाद 24 जनवरी को हीरानगर थाने और 27 जनवरी को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दी थी कि बिना जांच कोई प्रकरण दर्ज न किया जाए। इसके बावजूद 29 जनवरी को उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
किन्नर गुरु सपना
पुलिस कमिश्नर को सौंपे पत्र में सपना ने अपनी जान को खतरा बताया है। उनका कहना है कि एमआर-10 क्षेत्र स्थित उनके घर के आसपास संदिग्ध लोग घूमते देखे गए हैं और लगातार उनकी रैकी कराई जा रही है। सपना ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारी उनके खिलाफ साजिश में शामिल हैं और उन्हीं के संरक्षण में झूठा प्रकरण दर्ज कराया गया।
कोर्ट के आदेशों की अनदेखी का दावा
सपना का कहना है कि उन्होंने करीब 20 से अधिक शिकायतें सबूतों के साथ पुलिस को सौंपी थीं, लेकिन किसी भी शिकायत पर जांच नहीं हुई। मजबूर होकर 11 नवंबर को उन्होंने कोर्ट का रुख किया, जहां से पुलिस को 30 दिन में जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि इस आदेश का भी पालन नहीं किया गया।
इच्छा मृत्यु की मांग से मचा हड़कंप
लगातार मानसिक दबाव और कथित साजिशों से परेशान होकर सपना ने अपने पत्रों में इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि मौजूदा हालात में उनका जीना मुश्किल हो गया है और प्रशासन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा।
गौरतलब है कि इससे पहले नंदलालपुरा इलाके में किन्नरों ने सपना और राजा हाशमी पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया था। इसके बाद सपना पर एफआईआर दर्ज हुई और उन्हें जेल भेजा गया। फिलहाल पंढरीनाथ थाने में दर्ज मामले में सपना की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जांच जारी
इस पूरे मामले में एक मीडियाकर्मी अक्षय कुमायू को भी आरोपी बनाया गया है, जो अभी फरार है। पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मामले ने अब प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर गंभीर रूप ले लिया है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
