इंदौर के भंवरकुआ क्षेत्र में बुधवार को एक निजी कॉलेज के लाइब्रेरियन ने जहर खा लिया। घटना की जानकारी तब सामने आई जब ड्यूटी के दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। सहकर्मियों ने तत्काल उन्हें शहर के चोइथराम अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद कॉलेज स्टाफ और परिवार में शोक का माहौल है।
राजेंद्र नगर पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 45 वर्षीय हरीश तोमर, निवासी श्रीयंत्र नगर के रूप में हुई है। वे पिछले करीब 15 वर्षों से एक निजी कॉलेज में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत थे। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि उन्होंने कॉलेज परिसर में ही जहरीला पदार्थ खाया था।
बैंक लोन को लेकर तनाव की बात
परिवारजनों ने बताया कि हरीश ने निजी काम के लिए बैंक से कर्ज लिया था। बीते कुछ समय से किश्तों को लेकर बैंक की ओर से दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वे मानसिक तनाव में थे। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई लिखित शिकायत या दस्तावेज पुलिस के सामने नहीं आया है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
मूल रूप से मुरैना के निवासी
हरीश मूल रूप से मुरैना क्षेत्र के रहने वाले थे और इंदौर में परिवार के साथ रह रहे थे। परिवार में पत्नी और एक बेटा है, जो स्कूल में पढ़ाई करता है। उनके पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
जांच जारी
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अब तक मौके से किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस कॉलेज स्टाफ और परिवार के बयान दर्ज कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
