एमवाय अस्पताल में मासूम बच्चियों के साथ हुई अमानवीय “चूहा कांड” की घटना को लेकर जनआक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। न्याय की उम्मीद में लगातार धरना दे रहे जयस (जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन) ने रविवार 28 सितम्बर को प्रदेशव्यापी महाआंदोलन का ऐलान किया है। यह दिन शहीद भगत सिंह की जयंती भी है, जिसे संगठन ने अन्याय के खिलाफ लड़ाई को और बुलंद करने के लिए चुना है।
धरना स्थल पर जुट रहे हैं लोग
जयस राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने बताया कि 21 सितम्बर से एमवाय अस्पताल परिसर में धरना चल रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में युवा, समाज के लोग और पीड़ित परिवारजन इसमें शामिल होकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। मुजाल्दा के मुताबिक आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और अहिंसात्मक है।
महाआंदोलन का आह्वान
रविवार को हजारों की संख्या में लोग इंदौर पहुंचेंगे और बच्चियों को न्याय दिलाने की लड़ाई को और ताकत देंगे। मुजाल्दा ने कहा कि इस महाआंदोलन में केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठन और सर्वसमाज के लोग शामिल होंगे।
मुख्य माँगें
- एमवाय अस्पताल के डीन और अधीक्षक का तत्काल निलंबन।
- दोषियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
- पीड़ित बच्चियों के परिवार को न्याय व उचित मुआवजा मिले।
- प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएँ।
लड़ाई व्यवस्था के खिलाफ
एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने कहा, “हम बच्चियों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार के भ्रष्ट तंत्र और लापरवाह स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई है।”
इंदौर में उमड़ेगा जनसैलाब
रविवार को इंदौर की धरती पर जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है। जयस का कहना है कि यह महाआंदोलन व्यवस्था को जगाने का काम करेगा और बच्चियों को न्याय दिलाने की लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाएगा।
