इंदौर के गांधी भवन के सामने शनिवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए टकराव ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। दो दिन पहले भाजयुमो के प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए थे और दोनों पक्षों में पत्थरबाजी शुरू हो गई। मौके पर टमाटर, संतरे और पानी की बोतलें तक फेंकी गईं। स्थिति काबू में करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
घटना के बाद थाना प्रभारी ने खुद फरियादी बनकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान द्वारकापुरी थाना के सब-इंस्पेक्टर एसएस बघेल घायल हो गए थे। उनके अनुसार ड्यूटी के दौरान उन पर पत्थर फेंका गया। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
गांधी भवन के बाहर पत्थरबाजी
घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। एक फुटेज में भाजपा नेता अखिलेश राय पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। वहीं एक अन्य वीडियो में एडीसीपी दिशेष अग्रवाल के साथ धक्का-मुक्की दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि एक युवक ने पीछे से धक्का देकर अधिकारी को गिरा दिया। हालांकि अधिकारी की ओर से अलग से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई, लेकिन पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है।
टमाटर विवाद पर गरमाई सियासत
झड़प के दौरान टमाटर फेंके जाने को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि कांग्रेस ने चोइथराम मंडी से टमाटर मंगवाए थे। हालांकि मंडी के सीसीटीवी में ऐसा कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार टमाटर की व्यवस्था को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।
कांग्रेस ने सौंपी नामों की सूची
कांग्रेस ने पुलिस को 34 लोगों की सूची सौंपी है, जिन पर पत्थरबाजी में शामिल होने का आरोप है। सूची में कई भाजपा पदाधिकारियों के नाम भी बताए गए हैं। घायल हुई बिंदु चौहान समेत अन्य लोगों ने भी सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
घटना के बाद शहर की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। दोनों दल एक-दूसरे पर सुनियोजित हमले का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
