,

भैंसदेही सिविल जज की शिकायत पर हाईकोर्ट में अधिवक्ता उमेश जैन ने मांगी लिखित माफी

Author Picture
Published On: 11 February 2026

बैतूल जिले के भैंसदेही में पदस्थ सिविल जज महेंद्र सिंह मेहसन ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को पत्र लिखकर बताया कि 28 अक्टूबर 2025 को एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता उमेश जैन ने अदालत में अभद्र व्यवहार किया और व्यक्तिगत टिप्पणी की। जज ने अपने पत्र में कहा कि यदि ऐसे अधिवक्ता को दंडित नहीं किया गया तो इससे गलत संदेश जाएगा और कोर्ट के प्रति अवमानना की प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिलेगा।

सिविल जज की शिकायत को आपराधिक अवमानना का मामला मानते हुए हाईकोर्ट ने 9 जनवरी को अधिवक्ता उमेश जैन को नोटिस जारी किया। नोटिस में कोर्ट ने साफ किया कि ऐसे व्यवहार को गंभीरता से लिया जाएगा और आरोपी अधिवक्ता को अदालत में पेश होने के लिए बुलाया गया।

भैंसदेही सिविल जज

नोटिस के बाद मंगलवार को उमेश जैन स्वयं हाईकोर्ट में उपस्थित हुए और मौखिक रूप से माफी मांगी। हालांकि, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल मौखिक माफी पर्याप्त नहीं होगी। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिवक्ता को लिखित माफीनामा शपथपत्र के साथ प्रस्तुत करना होगा।

कोर्ट ने उमेश जैन को लिखित माफी दाखिल करने के लिए एक दिन की मोहलत दी। बुधवार को उमेश जैन लिखित रूप में माफी मांगते हुए अपनी गलती स्वीकार करेंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला न्यायालय की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला है और इसे हल्के में नहीं लिया जाएगा।

न्यायालय की गरिमा पर जोर

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय में अभद्रता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। न्यायालय ने अधिवक्ताओं को चेताया कि अदालत के सम्मान को बनाए रखना प्रत्येक कानूनी पेशेवर की जिम्मेदारी है।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिए कि लिखित माफीनामा दाखिल होने के बाद ही मामला बंद माना जाएगा। अदालत ने कहा कि भविष्य में ऐसा व्यवहार दोबारा पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp