MP पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) जबलपुर के नयागांव स्थित अपने प्रशिक्षण संस्थान में देश का सबसे बड़ा थर्मल और हाइड्रो पावर ऑपरेटर ट्रेनिंग सिम्युलेटर स्थापित करने जा रही है। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से लगने वाला यह सिम्युलेटर बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक नई तकनीकी क्रांति माना जा रहा है। इसके जरिए इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों को वास्तविक पावर प्लांट जैसा अनुभव मिलेगा।
इस अत्याधुनिक सिम्युलेटर की खास बात यह है कि इसमें पावर प्लांट संचालन, नियंत्रण और आपात स्थितियों से निपटने का वास्तविक अभ्यास कराया जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारी यह सीख सकेंगे कि तकनीकी खराबी आने पर किस तरह तुरंत निर्णय लेकर प्लांट को सुरक्षित रखा जाए। इससे प्लांट ट्रिपिंग और तकनीकी फेल्योर जैसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। सिम्युलेटर में रिमोट ऑपरेशन की सुविधा भी होगी, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
जबलपुर राष्ट्रीय स्तर का ट्रेनिंग हब बनेगा संस्थान
सिम्युलेटर के शुरू होने के बाद नयागांव स्थित पावर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। देश के अन्य राज्यों की बिजली कंपनियों के इंजीनियर और तकनीकी छात्र भी यहां प्रशिक्षण के लिए आ सकेंगे। इससे यह संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख ट्रेनिंग हब के रूप में पहचान बनाएगा।
MPPGCL अपने कर्मचारियों के कौशल विकास पर लगातार निवेश कर रही है। कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन एवं प्रशासन) दीपक कुमार कश्यप के अनुसार, संस्थान में स्मार्ट क्लास रूम तैयार किए जा रहे हैं। यहां तकनीकी के साथ-साथ वित्तीय और प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। नए कर्मचारियों के लिए यह संस्थान इंडक्शन ट्रेनिंग का मुख्य केंद्र होगा, वहीं पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को भी यहां विशेष प्रशिक्षण मिलेगा।
ऑडिटोरियम और डिजिटल लाइब्रेरी
प्रशिक्षण संस्थान परिसर में 150 सीटों वाला ‘मंत्रा’ ऑडिटोरियम बनाया जा रहा है, जहां सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित होंगी। इसके अलावा 21 कंप्यूटरों से लैस आईटी प्रशिक्षण केंद्र में ईआरपी, ऑटोकैड और प्राइमावेरा जैसे सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां एक आधुनिक मॉडल रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही है, जिसमें पावर प्लांट से जुड़ी मशीनों के मॉडल लगाए जाएंगे।
रहने और ऑनलाइन ट्रेनिंग की सुविधाएं
प्रशिक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के ठहरने हेतु 3.8 करोड़ रुपये की लागत से 16 कमरों का छात्रावास बनाया जा रहा है। इसमें भोजनालय, मनोरंजन कक्ष और मिनी जिम जैसी सुविधाएं होंगी। साथ ही, एक हाई-टेक स्टूडियो भी तैयार किया जाएगा, जहां से ऑनलाइन ट्रेनिंग वीडियो बनाकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
