सिवनी जिले की बरघाट तहसील के ग्राम धपारा में पदस्थ पटवारी महेंद्र बिसेन को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई उनके शासकीय कार्यालय कक्ष में की गई। जैसे ही टीम ने संकेत मिला, पहले से तैयार ट्रैप दल ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को दबोच लिया।
लोकायुक्त निरीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि बोरीखुर्द निवासी भगतराम खरे ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि धपारा हल्का नंबर 81 और 82 के पटवारी महेंद्र बिसेन जमीन के सीमांकन की पावती देने के बदले 6 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
सिवनी में पटवारी
जानकारी के अनुसार, भगतराम खरे की पत्नी बैगीन बाई खरे को उनकी माता से ग्राम पंचायत धपारा के खसरा नंबर 627 में से 1/5 हिस्सा प्राप्त हुआ था। जमीन का सीमांकन पहले ही किया जा चुका था, लेकिन संबंधित दस्तावेज की पावती देने में टालमटोल की जा रही थी। आरोप है कि पावती जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई।
डीजी के निर्देश पर सख्त कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के निर्देशों के तहत की गई। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की सत्यता परखने के बाद आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की रणनीति बनाई। तय योजना के अनुसार आवेदक से राशि लेते ही पटवारी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। लोकायुक्त टीम ने कार्यालय से आवश्यक दस्तावेज भी जब्त किए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
यह कार्रवाई एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को रेखांकित करती है। लोकायुक्त अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी कार्य के बदले अवैध धन की मांग करता है तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
