परिवार के साथ सफर के लिए रेलवे को लंबे समय से सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद साधन माना जाता रहा है। लेकिन हाल के दिनों में सामने आई कुछ घटनाओं ने इस भरोसे को झटका दिया है। ट्रेनों में वेंडरों के नाम पर मारपीट और बदसलूकी की शिकायतें बढ़ रही हैं, जिससे यात्रियों में असुरक्षा की भावना पनप रही है।
यात्रियों का आरोप है कि कुछ वेंडर जबरन सामान खरीदने का दबाव बनाते हैं और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करते हैं। कई मामलों में बात इतनी बढ़ जाती है कि हाथापाई की नौबत आ जाती है। सोशल मीडिया पर भी ऐसे वीडियो और शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें यात्रियों और वेंडरों के बीच विवाद देखा जा सकता है।
रेलवे में वेंडरों की दबंगई
यात्रियों का कहना है कि इन घटनाओं की शिकायतें रेल मंत्री और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही। आरोप है कि कुछ मामलों में केवल औपचारिक जांच कर मामले को शांत कर दिया जाता है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद रहते हैं।
लगातार हो रही घटनाओं से यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। यात्रियों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि ऐसे वेंडरों की पहचान कर उनके लाइसेंस रद्द किए जाएं और जरूरत पड़ने पर आपराधिक कार्रवाई भी की जाए। उनका कहना है कि ट्रेन में सफर के दौरान सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
रेल यात्रा पर पड़ सकता है असर
यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर रेल यात्रा की छवि पर पड़ सकता है। यात्रियों का कहना है कि वे परिवार के साथ सफर करते हैं और ऐसी घटनाएं उनके मन में डर पैदा करती हैं। रेलवे प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि वह सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे और यात्रियों के भरोसे को कायम रखे।
