जबलपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर ग्राम उमरिया में करंट लगने से एक नाबालिग सहित दो लोगों की मौत हो गई। घटना गुरुवार सुबह की बताई जा रही है। दोनों युवक पहाड़ी रास्ते से गांव लौट रहे थे, तभी जंगल क्षेत्र में अचानक करंट की चपेट में आ गए। मौके पर ही वे जमीन पर गिर पड़े। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने उन्हें देखा और तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने दोनों को आनन-फानन में चरगवां स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डाक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही चरगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जंगल के रास्ते लौट रहे थे घर
जानकारी के अनुसार 28 वर्षीय किशन टेकाम अपने रिश्तेदार गोविंद के साथ 25 फरवरी को किसी काम से चरगवां गया था। गुरुवार सुबह दोनों पैदल गांव लौट रहे थे। वे लोहे की रॉड साथ लेकर पहाड़ी और जंगल वाले रास्ते से गुजर रहे थे। जैसे ही वे उमरिया के जंगल के पास पहुंचे, अचानक बिछे हुए करंट की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि दोनों संभल नहीं पाए और मौके पर ही गिर पड़े।
शिकार के लिए बिछाया गया था तार
डीएसपी भगत सिंह गठोरिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जंगल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए अवैध रूप से करंट वाला तार बिछाया गया था। उसी की चपेट में आकर दोनों की मौत हुई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह तार किसने लगाया था और कब से वहां मौजूद था।
इस घटना ने जंगल क्षेत्रों में अवैध शिकार के लिए अपनाए जा रहे खतरनाक तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह खुले में करंट बिछाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि आम लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
