उज्जैन में आगामी सिंहस्थ मेला को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण की रफ्तार बढ़ा दी है। कोयला फाटक मार्ग से निजातपुरा और कंठाल तक, साथ ही बियाबानी से तेलीवाड़ा तक सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हो चुका है। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यह कदम जरूरी है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
शुक्रवार को तेलीवाड़ा से दानी गेट तक सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की टीम ने क्षेत्र में मुनादी करवाई। इसमें सात दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने और जगह खाली करने की सूचना दी गई। जैसे ही यह सूचना फैली, व्यापारियों और रहवासियों में नाराजगी बढ़ गई। विरोध स्वरूप टंकी चौक पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया गया। करीब दो घंटे तक चले इस विरोध के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सिंहस्थ की तैयारियां
स्थानीय लोगों का कहना है कि सात दिन में दुकान और मकान खाली करना संभव नहीं है। व्यापारियों और रहवासियों ने कम से कम एक महीने का समय देने की मांग की है। प्रदर्शन में कांग्रेस पार्षद माया त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रशासन को पहले वैकल्पिक व्यवस्था और स्पष्ट योजना बतानी चाहिए।
टूटे मार्गों का मुद्दा भी उठा
पार्षदों ने यह भी सवाल उठाया कि केडी गेट, तेलीवाड़ा और कोयला फाटक जैसे मार्ग पहले से ही जर्जर हालत में हैं और अब तक उनकी मरम्मत पूरी नहीं हुई है। ऐसे में अन्य सड़कों को भी तोड़ दिया गया तो आवाजाही पूरी तरह बाधित हो जाएगी। स्कूल बसों और स्थानीय व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
व्यापारी मुजीब सुपारी ने कहा कि रमजान, महाशिवरात्रि और स्कूल परीक्षाएं निकट हैं। कई स्कूल बसें इसी मार्ग से गुजरती हैं, इसलिए फिलहाल काम टाल दिया जाए। उनका कहना है कि एक महीने बाद काम शुरू किया जाए तो व्यापारी स्वेच्छा से सहयोग करेंगे। पार्षद अर्पित दुबे ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट समयसीमा तय किए नोटिस थमा दिए गए हैं, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति है।
बढ़ता असंतोष
नगर निगम सिंहस्थ की व्यापक तैयारियों में जुटा है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में विरोध ने प्रशासन के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत से समाधान निकलता है या नहीं।
