उज्जैन में मंगलवार को शासकीय जीवाजीगंज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मोहन नगर परिसर में संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना पहुंचे आयुक्त सीधे कक्षाओं में पहुंचे और शिक्षण व्यवस्था को नजदीक से देखा। उनके अचानक पहुंचने से विद्यालय स्टाफ में हलचल जरूर रही, लेकिन आयुक्त ने पूरी प्रक्रिया को सहज और संवादात्मक बनाए रखा।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के बीच जमीन पर बैठ गए। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, गतिविधियों और रोजमर्रा की कक्षा प्रक्रियाओं के बारे में पूछा। “खेल-खेल में पढ़ना सीखो” जैसी गतिविधियों को लेकर भी जानकारी ली। बालिका इशिता और जानवी के साथ छात्र मोहित ने पाठ पढ़कर सुनाया। बच्चों के आत्मविश्वास और स्पष्ट उच्चारण से आयुक्त संतुष्ट नजर आए और उन्होंने उनका उत्साहवर्धन किया।
उज्जैन बच्चों ने दिया सही जवाब
बातचीत के दौरान आयुक्त ने संख्या ज्ञान से जुड़ा एक सरल सवाल पूछा “बताओ इनमें बड़ी संख्या कौन सी है?” बच्चों ने तुरंत और सही जवाब दिया। इस पर आयुक्त ने उनकी पीठ थपथपाई और शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत नींव ही आगे की शिक्षा की दिशा तय करती है।
आयुक्त ने परिणाम आधारित शिक्षण पद्धति और छात्रों की प्रगति रिपोर्ट (रिजल्ट शीट) का भी अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित मूल्यांकन को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निरंतर सुधार आवश्यक है।
आंगनबाड़ी केंद्र में वैक्सीनेशन व्यवस्था देखी
विद्यालय निरीक्षण के बाद आयुक्त गांधीनगर वार्ड 6 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने चल रहे वैक्सीनेशन कार्य की जानकारी ली और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बच्चों और महिलाओं को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही बुनियादी क्षेत्र हैं, जिन पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।
अचानक हुए इस निरीक्षण से स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र के स्टाफ में जवाबदेही का संदेश गया है। स्थानीय स्तर पर इसे सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जिससे व्यवस्थाओं में सुधार और निगरानी दोनों को मजबूती मिलेगी।
