मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन के हरियाखेड़ी में 1133.67 करोड़ रुपए की जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन वेद मंत्रोच्चार के साथ किया। इस परियोजना के तहत 17 नई पानी की टंकियां बनाई जाएंगी, जिससे शहर में भविष्य में जल आपूर्ति सुनिश्चित रहेगी। सीएम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाने के लिए 16 नए वाहन और पांच अन्य गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल शहर में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए की गई है।
मुख्यमंत्री ने मंच से उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भगवान धन्वंतरि से जुड़ी ऐतिहासिक परंपरा के कारण यह संस्थान उज्जैन में ही स्थापित किया जाएगा। यह एम्स चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में नई दिशा देगा।
उज्जैन में परियोजना का भूमिपूजन
सीएम ने संदीपनी आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, शनि मंदिर, चिंतामन गणेश मंदिर और अंगारेश्वर मंदिर क्षेत्र में विकास कार्य कराने की भी घोषणा की। इन क्षेत्रों में सड़क, रोशनी और नागरिक सुविधाओं के विकास से स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।
नागझिरी और निनोरा क्षेत्र में रेडीमेड गारमेंट सेक्टर के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। कार्यरत महिलाओं को सरकार की ओर से 5 हजार रुपए तक की सहायता दी जाएगी, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
शैक्षणिक और सांस्कृतिक परियोजनाएं
कालिदास अकादमी में शेड निर्माण और मार्च में साइंस कॉलेज परिसर में 1200 सीटों की क्षमता वाले गीता भवन का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही उज्जैन-पीथमपुर रोड के भूमि पूजन की भी घोषणा की गई, जिससे शहर की परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा।
