उज्जैन जिले के बड़नगर स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि मेले के दौरान भगवान शिव का अनोखा और भव्य श्रृंगार किया गया है। करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से भगवान शिव की प्रतिमा और मंदिर परिसर को सजाया गया है। नोटों की मालाएं, मुकुट और आकर्षक लड़ियां श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही हैं। दूर-दूर से लोग इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही नोटों से सजे गर्भगृह का दृश्य श्रद्धालुओं को अचंभित कर देता है। सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
महाशिवरात्रि
मंदिर में हर वर्ष महाशिवरात्रि के बाद भव्य मेला आयोजित किया जाता है। इस बार मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ है और 28 फरवरी तक चलेगा। विशेष नोटों का श्रृंगार 26 फरवरी तक दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। मंदिर समिति के अनुसार, मेले के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शाम के समय मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और भजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
तैयार की सजावट
मंदिर के पुजारी संदीप पठोर ने बताया कि नोटों की माला, मुकुट और सजावटी लड़ियां तैयार करने में सात कलाकारों की टीम को करीब तीन दिन का समय लगा। हर नोट को सावधानी से व्यवस्थित कर कलात्मक रूप दिया गया है। कलाकारों ने इस तरह से सजावट की है कि नोट सुरक्षित भी रहें और आकर्षक भी दिखें। पूरी प्रक्रिया में विशेष ध्यान रखा गया कि नोटों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
चार साल से बढ़ती जा रही है परंपरा
मंदिर में नोटों से श्रृंगार की परंपरा पिछले चार वर्षों से लगातार जारी है और हर साल राशि में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
- 2021 में 7 लाख रुपए
- 2022 में 11 लाख रुपए
- 2023 में 21 लाख रुपए
- 2024 में 51 लाख रुपए
- 2025 में 1 करोड़ 21 लाख रुपए
- 2026 में 1 करोड़ 31 लाख रुपए
राशि में लगातार वृद्धि से इस आयोजन की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
भगवान महादेव के इस अनोखे स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। कई लोग इसे आस्था और श्रद्धा की अभिव्यक्ति मानते हैं। मेले के दौरान स्थानीय प्रशासन भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। महाशिवरात्रि के अवसर पर इस विशेष श्रृंगार ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
