उज्जैन | मध्य प्रदेश के उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंदिर के गर्भगृह में निजी CCTV कैमरे लगाने पर विवाद खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि मंदिर के पुजारी राजेंद्र भारती ने प्रशासन की जानकारी के बिना गर्भगृह, मुख्य द्वार और पीछे के हिस्से में अपने निजी कैमरे लगवा दिए थे। इन कैमरों का एक्सेस केवल पुजारी के पास था और वह घर बैठे मंदिर की निगरानी कर रहे थे।
कैमरे हटाने का आदेश
घटना की जानकारी जैसे ही मंदिर प्रशासन तक पहुंची, प्रशासक के.के. पाठक ने तत्काल जांच के आदेश दिए। मंदिर प्रबंध समिति को जब पता चला कि ये कैमरे प्रशासन की अनुमति के बिना लगाए गए हैं, तो पुजारी भारती परिवार से चर्चा के बाद गुरुवार को सभी कैमरे हटवा दिए गए। पाठक ने स्पष्ट कहा कि गर्भगृह जैसे पवित्र स्थान पर बिना अनुमति कोई भी निजी निगरानी व्यवस्था नहीं लगाई जा सकती।
भात पूजन पर उठे सवाल
मंगलनाथ मंदिर मंगल दोष निवारण के लिए देशभर में विख्यात है। यहां भात पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, और इसके लिए सरकारी रसीद से भुगतान की प्रक्रिया तय है। बताया जा रहा है कि पुजारी द्वारा लगाए गए निजी कैमरे इसी भात पूजन के लेन-देन और गतिविधियों पर निगरानी रखने के उद्देश्य से लगाए गए थे। हालांकि, इससे पारदर्शिता के बजाय गोपनीयता भंग और अवैध निगरानी का मुद्दा उठ गया।
प्रशासन सख्त
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में निगरानी का अधिकार केवल मंदिर प्रबंधन के पास है और सरकारी CCTV सिस्टम पहले से मौजूद है। कोई भी व्यक्ति प्राइवेट कैमरे लगाकर गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं कर सकता।
