उज्जैन जिले में सर्वर में आई तकनीकी खराबी के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली पूरी तरह प्रभावित हो गई है। जिले की सभी करीब 800 उचित मूल्य दुकानों पर राशन वितरण ठप पड़ा है। यही स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों में भी बताई जा रही है, जिससे हजारों कार्डधारक प्रभावित हुए हैं।
प्रतिदिन सुबह से ही लोग राशन लेने दुकानों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण वितरण प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही। कई जगह बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भी सिस्टम आगे नहीं बढ़ रहा, जिससे दुकानदार और उपभोक्ता दोनों असमंजस में हैं। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी जब राशन नहीं मिलता, तो लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और कुछ स्थानों पर विवाद की स्थिति भी बन रही है।
उज्जैन में सर्वर ठप
नियमों के अनुसार प्रत्येक महीने की 15 तारीख तक पात्र हितग्राहियों को राशन मिल जाना चाहिए। लेकिन इस बार 12 फरवरी तक भी वितरण सुचारु रूप से शुरू नहीं हो सका है। तकनीकी खामी के चलते निर्धारित समयसीमा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो हजारों परिवारों को समय पर खाद्यान्न नहीं मिल पाएगा।
खुले बाजार से महंगा
राशन नहीं मिलने के कारण कई परिवारों को खुले बाजार से ऊंचे दाम पर अनाज खरीदना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि तकनीकी दिक्कतों का खामियाजा आम लोगों को क्यों भुगतना पड़े। कार्डधारकों और राशन दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वर समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। साथ ही वितरण की तारीख बढ़ाने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी मांग उठ रही है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके।
