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उज्जैन में शांति बनाए रखने के लिए सख्त कदम, 11 अपराधी छह माह के लिए जिला बदर

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Published On: 8 February 2026

उज्जैन में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 11 व्यक्तियों को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का मानना है कि इन लोगों की गतिविधियां सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थीं, इसलिए यह कदम उठाना जरूरी हो गया।

जारी आदेश के अनुसार जिला बदर किए गए सभी व्यक्तियों को न केवल उज्जैन जिले की सीमा से बाहर रहना होगा, बल्कि देवास, इंदौर, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, धार और आगर मालवा जैसे सीमावर्ती जिलों में भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। छह माह की अवधि तक इन जिलों की राजस्व सीमाओं में इनका आना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

उज्जैन में शांति बनाए रखने के लिए सख्त कदम

प्रशासन द्वारा जारी सूची में उज्जैन जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अपराधियों के नाम शामिल हैं। देवासगेट थाना क्षेत्र से कालू उर्फ टेंशन उर्फ रितेश पिता हेमराज को जिला बदर किया गया है। वहीं महिदपुर थाना क्षेत्र से अकरम पिता मोहम्मद हनीफ और दशरथ पिता रतनलाल के नाम भी आदेश में दर्ज हैं।

माधवनगर थाना क्षेत्र से भरत उर्फ भर्रा गेहलोत पिता राजू गेहलोत, महाकाल थाना क्षेत्र से रोहित उर्फ टल्ला पिता अय्यूब शाह उर्फ राजू शाह, चिमनगंजमंडी थाना क्षेत्र से भूरा उर्फ ओहिल उर्फ आहिल पिता शफीक और नीलगंगा थाना क्षेत्र से मयूर उर्फ मयूरेश पिता शरद व्यास को भी जिला बदर किया गया है। इसके अलावा घट्टिया थाना क्षेत्र से दिलीप पिता रमेश बागडिया, पंवासा थाना क्षेत्र से मोहसिन पिता फारुख मंसूरी और भाटपचलाना थाना क्षेत्र से भुरू उर्फ भूरालाल पिता रामलाल मावी का नाम भी सूची में शामिल है।

पेशी के लिए सशर्त अनुमति

प्रशासन ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इन व्यक्तियों के खिलाफ उज्जैन जिले के किसी न्यायालय में कोई मामला विचाराधीन है, तो वे केवल पेशी के लिए जिले में प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें संबंधित थाना प्रभारी को पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। न्यायालय में पेशी के बाद उन्हें तुरंत जिला सीमा से बाहर जाना होगा।

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए की गई है। जिला बदरी जैसे कदमों से अपराधियों में डर बनेगा और आम नागरिक खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे। आने वाले समय में भी कानून-व्यवस्था भंग करने वालों पर इसी तरह सख्ती जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।

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