कैंसर आज के दौर की सबसे गंभीर और तेजी से फैलने वाली बीमारियों में गिना जाता है, जो तब होता है जब शरीर की कुछ कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और आसपास के टिश्यू व अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं। शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर हल्के या अस्पष्ट होते हैं, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। मेडिकल रिसर्च के अनुसार, कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है, हालांकि कुछ अंग ऐसे हैं जो इसकी चपेट में जल्दी और अधिक बार आते हैं।
कैंसर ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कुछ कोशिकाएँ बिना किसी नियंत्रण के असामान्य रूप से तेजी से बढ़ने लगती हैं और धीरे-धीरे आसपास के स्वस्थ टिश्यू तथा महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुँचाती हैं। दुनिया भर में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे यह एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुका है।
कैंसर को लेकर हुआ चौंकाने वाला खुलासा
कैंसर को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि यह बीमारी सबसे पहले शरीर के कुछ खास अंगों को नुकसान पहुँचाती है। डॉक्टरों के मुताबिक कैंसर की शुरुआत अक्सर फेफड़े, स्तन, गर्भाशय ग्रीवा, मुंह, पेट और आंत जैसे अंगों से हो सकती है। शुरुआती संकेतों में लगातार वजन घटना, लंबे समय तक खांसी या घाव का न भरना, असामान्य गांठ, खून की कमी, थकान और शरीर के किसी हिस्से में लगातार दर्द शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इन लक्षणों की पहचान और नियमित जांच से कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
धूम्रपान और प्रदूषण से बढ़ रहा कैंसर का खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में कुछ प्रकार के कैंसर सबसे अधिक पाए जाते हैं। इनमें फेफड़ों का कैंसर सबसे आम है, जिसका मुख्य कारण धूम्रपान और वायु प्रदूषण माना जाता है। इसके बाद महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है, जो स्तन की ग्रंथियों और नलिकाओं में विकसित होता है। कोलोरेक्टल कैंसर बड़ी आंत और मलाशय को प्रभावित करता है, जबकि प्रोस्टेट कैंसर आमतौर पर उम्रदराज़ पुरुषों में पाया जाता है। इसके अलावा, लिवर कैंसर लंबे समय से चली आ रही लिवर बीमारियों, हेपेटाइटिस संक्रमण और हानिकारक रसायनों से जुड़ा है, वहीं पेट का कैंसर गलत खानपान और कुछ बैक्टीरियल संक्रमणों के कारण आम माना जाता है।
कैंसर होने के प्रमुख कारण
कैंसर होने के प्रमुख कारणों में कोशिकाओं की वृद्धि को नियंत्रित करने वाले जीन में गड़बड़ी शामिल है, जो जन्मजात भी हो सकती है और जीवनशैली या पर्यावरणीय प्रभावों के कारण समय के साथ विकसित भी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू और शराब का लंबे समय तक सेवन, रेडिएशन के संपर्क में आना, हार्मोनल असंतुलन, शरीर में लगातार सूजन, वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण और बढ़ता प्रदूषण कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। इसके अलावा असंतुलित आहार, पोषण की कमी और शारीरिक निष्क्रियता भी कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले अहम कारक माने जाते हैं।
इन लोगो को है ज्यदा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर का खतरा कुछ लोगों में अपेक्षाकृत अधिक होता है। खास तौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, तंबाकू का सेवन करने वाले, मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति, शारीरिक रूप से कम सक्रिय लोग और वे लोग जिनके परिवार में पहले कैंसर का इतिहास रहा हो, इस बीमारी के उच्च जोखिम वाले समूह में आते हैं। हालांकि, समय रहते सावधानी बरतने, नियमित जांच कराने और संतुलित व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बचाव और सतर्कता जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि कैंसर से बचाव के लिए सतर्कता और स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी है। धूम्रपान और शराब से दूरी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर हेल्थ चेकअप कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। अगर शरीर में किसी भी तरह का असामान्य बदलाव जैसे अचानक वजन कम होना, लगातार थकान, गांठ बनना या बिना कारण दर्द महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करते हुए तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच और सही इलाज से कैंसर पर काबू पाना संभव है।
