देशभर में 1 अप्रैल से हाईवे टोल पर कैश हुआ बंद, अब सिर्फ NHAI का डिजिटल नियम रहेगा लागू

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Published On: 21 February 2026

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए टोल भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। National Highways Authority of India (NHAI) ने 1 अप्रैल 2026 से देशभर के सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह समाप्त करने की योजना तैयार की है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर टोल शुल्क का भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों मुख्य रूप से FASTag और UPI के जरिए ही किया जा सकेगा। प्राधिकरण का कहना है कि यह कदम इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाया जा रहा है, जिससे टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही तेज होगी, लंबी कतारों में कमी आएगी और लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए टोल भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने 1 अप्रैल 2026 से देशभर के सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह समाप्त करने की योजना तैयार की है।

1 अप्रैल से हाईवे टोल पर कैश होगा बंद

1 अप्रैल से देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की योजना के तहत टोल प्लाजा पर नकद (कैश) भुगतान पूरी तरह बंद किया जा सकता है और अब वाहन चालकों को केवल डिजिटल माध्यमों से ही टोल चुकाना होगा। इसके लिए FASTag और UPI जैसे विकल्प अनिवार्य किए जाएंगे, जिससे टोल संग्रह प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बन सके। इस फैसले का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना, ट्रैफिक जाम घटाना और ईंधन की बचत करना है। ऐसे में हाईवे पर सफर करने वालों को अब कैश रखने की जरूरत नहीं होगी और पूरी व्यवस्था कैशलेस सिस्टम की ओर बढ़ेगी।

UPI से भुगतान की सुविधा हुई शुरू

देशभर के कई टोल प्लाजा पर अब UPI के माध्यम से भुगतान की सुविधा शुरू कर दी गई है, जिससे यात्रियों को तत्काल और सुविधाजनक डिजिटल विकल्प मिल रहा है। यह व्यवस्था खास तौर पर उन वाहन चालकों के लिए राहत देने वाली है, जिनके पास वैध FASTag नहीं होता। मौजूदा नियमों के अनुसार यदि कोई वाहन बिना वैध FASTag के टोल प्लाजा पर पहुंचता है और नकद भुगतान करता है, तो उससे निर्धारित शुल्क का दोगुना लिया जाता है। वहीं UPI के जरिए भुगतान करने पर 1.25 गुना शुल्क वसूला जाता है। इन प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य नकद लेन-देन को हतोत्साहित करना और देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है, ताकि टोल कलेक्शन की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक सुविधाजनक बन सके।

देशभर में लागू होगी डिजिटल टोलिंग

देशभर में 1,150 से अधिक टोल प्लाजा संचालित हैं और प्रस्ताव लागू होने के बाद सभी स्थानों पर डिजिटल प्रणाली को अनिवार्य कर दिया जाएगा। इस दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का लक्ष्य पूरी तरह कैशलेस और स्वचालित टोलिंग व्यवस्था स्थापित करना है, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और संभावित अनियमितताओं पर भी रोक लग सकेगी। हालांकि फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द जारी होने की संभावना जताई जा रही है।

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