मेघालय की कोयला खदान में हुआ भीषण विस्फोट, 10 मजदूरों की मौके पर मौत; सुरक्षा पर उठे सवाल

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Published On: 7 February 2026

मेघालय के ताशखाई इलाके में एक कोयला खदान में भीषण विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में खदान के अंदर काम कर रहे 10 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। धमाका इतना तेज था कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और मातम पसर गया, वहीं सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

मेघालय के ताशखाई इलाके में स्थित एक कोयला खदान में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें 10 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। धमाका इतना तेज था कि खदान के भीतर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

कोयला खदान में हुआ भीषण विस्फोट

मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के ताशखाई इलाके में एक कोयला खदान में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 10 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई है। यह विस्फोट एक अवैध कोयला खदान में हुआ माना जा रहा है, जहां काम कर रहे श्रमिक अचानक हुए धमाके की चपेट में आ गए। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मृतकों के परिजनों को सहायता देने तथा घटना के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं।

इलाको से मचा हड़कंप

सामने आई जानकारी के अनुसार, ताशखाई की इस खदान में मजदूर रोज की तरह खुदाई का काम कर रहे थे, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। आशंका जताई जा रही है कि यह विस्फोट खदान के भीतर गैस रिसाव या फिर विस्फोटक सामग्री के गलत इस्तेमाल के कारण हुआ हो सकता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश मजदूर असम के रहने वाले थे, जिनमें से एक की पहचान असम के कटिगारा क्षेत्र के बिहारा गांव के निवासी के रूप में हुई है। घटना के बाद मेघालय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और मलबे में फंसे अन्य संभावित मजदूरों की तलाश लगातार जारी है।

सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे ने मेघालय में लंबे समय से जारी अवैध ‘रैट-होल’ माइनिंग और खनन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश तो दे दिए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदानों में न तो मजदूरों की सुरक्षा के लिए उचित उपकरण उपलब्ध थे और न ही किसी तरह के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उनका कहना है कि नियमों की अनदेखी और अवैध खनन की वजह से ऐसे हादसे बार-बार सामने आ रहे हैं।

प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है, ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। वहीं सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।

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