किश्तवाड़ जिले के चत्रू जंगल बेल्ट में आतंकवाद के खिलाफ चल रहा ऑपरेशन तेराशी-1 पिछले 20 दिनों से लगातार जारी है। यह अभियान सोनार, अरिघम, जाशेर के जंगलों और डोलघम क्षेत्र तक फैला हुआ है, जहां सुरक्षा बल सघन तलाशी और घेराबंदी कर रहे हैं। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने किश्तवाड़ के चिंगम स्थित दिचल इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को मार गिराने में सफलता हासिल की है। अभियान के तहत पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और ऑपरेशन अभी जारी है।
किश्तवाड़ जिले के चत्रू जंगल बेल्ट में ऑपरेशन तेराशी-1 के तहत आतंकवाद विरोधी अभियान पिछले 20 दिनों से लगातार जारी है। सुरक्षा बल घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाते हुए आतंकियों की मौजूदगी को खत्म करने के लिए हर संभावित इलाके की गहन तलाशी ले रहे हैं। अभियान के दौरान क्षेत्र में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।
किश्तवाड़ में ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ जारी
जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ लगातार कई दिनों से जारी है, जिसमें भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकियों को खोजने और ढेर करने के लिए पर्वतीय इलाक़ों में सर्च और मुठभेड़ कर रही है। ऑपरेशन 18 जनवरी को शुरू हुआ और डोलगाम, चत्रू, सिंहपोरा जैसे क्षेत्रों में लगातार हथियारबंद आतंकियों से संपर्क और गोलीबारी की घटनाएँ हो रही हैं। सुरक्षा कारणों से प्रशासन सिंगहपोरा, चिंगम और चत्रू के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं ताकि आतंकवादियों द्वारा इंटरनेट का दुरुपयोग न हो सके; इस दौरान कुछ संदिग्धों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और खोज-कार्य अभी भी जारी है।
जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं हुई बंद
चल रहे ऑपरेशन के मद्देनज़र जम्मू-कश्मीर के चत्रू किश्तवाड़ क्षेत्र के चिंगम, सिगड़ी, सिघपूरा, डोलगाम और नैदगाम इलाकों में इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद रखी गई हैं। सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है, क्योंकि भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी द्वारा संयुक्त सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
