15 फरवरी से बदलेंगे पासपोर्ट नियम, बच्चों से लेकर बड़ों तक पर पड़ेगा असर; जानें नए नियम

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Published On: 9 February 2026

केंद्र सरकार 15 फरवरी 2026 से पासपोर्ट से जुड़े नए नियम लागू करने जा रही है, जिनका असर 18 साल से ऊपर के वयस्कों तथा 18 साल से कम उम्र के बच्चों दोनों पर होगा। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया को तेज़, सरल, डिजिटल और सुरक्षित बनाना है, ताकि दस्तावेज़ों की श्रेणी कम हो, पुलिस वेरिफिकेशन प्रणाली ऑनलाइन हो और धोखाधड़ी या देरी की संभावना घटे। नए नियमों के तहत डिजिटल पहचान जैसे आधार और अन्य सरकारी आईडी को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे आवश्यक कागजी कार्रवाई कम होगी और आवेदन से सम्बंधित वेरिफिकेशन जल्दी पूरा हो सकेगा। इसके साथ ही नई प्रक्रिया में बच्चों के पासपोर्ट के लिए माता-पिता की सहमति तथा जन्म या पहचान दस्तावेजों को स्पष्ट रूप से स्वीकार करना भी शामिल है।

केंद्र सरकार 15 फरवरी 2026 से पासपोर्ट प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव लागू करने जा रही है, जिसका असर 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के साथ-साथ 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट पर भी पड़ेगा; नए नियमों के तहत पासपोर्ट बनवाने में उपयोग होने वाले कई दस्तावेज अब ऑनलाइन और डिजिटल तरीके से जमा किए जा सकेंगे।

पासपोर्ट बनवाना हुआ आसान

भारत सरकार 15 फरवरी, 2026 से पासपोर्ट से जुड़े नए नियम लागू करने जा रही है, जिसमें बच्चों और नाबालिगों के लिए दस्तावेज़ संबंधी प्रक्रिया को और आसान बनाने पर ध्यान दिया गया है। पुराने नियमों में स्कूल-आईडी, माता-पिता की सहमति और अन्य कागजात के साथ पासपोर्ट बनवाना होता था, लेकिन नए नियमों के अनुसार बच्चों का बर्थ सर्टिफिकेट और स्कूल ID समेत कई दस्तावेज़ अब ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे, जिससे बार-बार पासपोर्ट केंद्र जाने की जरूरत कम होगी। इससे बच्चों के पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया तेज़ और सरल हो जाएगी। फिलहाल सरकारी अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन यह बदलाव 15 फरवरी से लागू होने की चर्चा चल रही है।

जानें नए नियम

  • भारत में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पासपोर्ट से जुड़े नियम अलग होते हैं।
  • नाबालिग बच्चों को जारी किया गया पासपोर्ट आमतौर पर पांच साल या 18 वर्ष की उम्र पूरी होने तक (जो भी पहले हो) वैध रहता है।
  • पासपोर्ट आवेदन के लिए माता-पिता दोनों का पासपोर्ट, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जरूरी होता है,
  • साथ ही माता-पिता की सहमति दर्शाने के लिए Annexure-H फॉर्म भरना अनिवार्य है।
  • 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद बच्चे को वयस्क पासपोर्ट के लिए नया आवेदन करना पड़ता है।
  • सिंगल पैरेंट के मामले में माता-पिता के निधन या तलाक से जुड़े दस्तावेजों के साथ Annexure-C फॉर्म जमा करना होता है।
  • 1 अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए उम्र के प्रमाण के तौर पर केवल जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य होगा।

ऑनलाइन फॉर्म है जरूरी

18 साल से कम उम्र के बच्चों का पासपोर्ट बनवाने के लिए अब ऑनलाइन फॉर्म भरना और पासपोर्ट सेवा केंद्र में पहले से अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए केवल फोटो की जरूरत होगी और उनका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं किया जाएगा, लेकिन उन्हें भी माता-पिता के साथ पासपोर्ट सेवा केंद्र पर उपस्थित होना जरूरी होगा। नए नियम लागू होने के बाद बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।

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