बक्सर के राजद सांसद सुधाकर सिंह ने सासाराम में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एनडीए पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में इस वक्त महागठबंधन के नेताओं और उम्मीदवारों के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। सुधाकर सिंह के मुताबिक, एनडीए के नेता महागठबंधन के प्रत्याशियों को धमकाने और डराने का काम कर रहे हैं, जिससे राज्य में लोकतंत्र खतरे में है। सुधाकर सिंह ने कहा कि सासाराम में राजद उम्मीदवार सत्येंद्र साह की गिरफ्तारी और मोहनिया में श्वेता सुमन का नामांकन रद्द होना कोई सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महागठबंधन को चुनावी मैदान में कमजोर करना है।
राजद सांसद ने कहा कि “बिहार में अब राजनीतिक आपात स्थिति जैसी स्थिति बन गई है। सत्ता पक्ष प्रशासन का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने में कर रहा है।” उन्होंने साफ कहा कि अगर यह सब चलता रहा, तो जनता खुद सड़क पर उतरकर जवाब देगी।
गुजराती तानाशाह
सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दोनों को “गुजराती तानाशाह” कहा और दावा किया कि सासाराम समेत पूरे शाहाबाद इलाके में एनडीए का खाता तक नहीं खुलेगा। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जब पत्रकारों ने पूछा कि कुछ सीटों पर राजद और सहयोगी दल आमने-सामने क्यों हैं, तो सुधाकर सिंह ने कहा, “बिहार की 243 में से सिर्फ 11 सीटों पर फ्रेंडली फाइट है। बाकी 232 सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार एकजुट हैं। अगर पार्टी स्तर पर कोई फैसला नहीं हुआ, तो जनता खुद फैसला सुनाएगी।”
“सासाराम को कोई उपनिवेश नहीं बना सकता”
सुधाकर सिंह ने सासाराम सीट से एनडीए समर्थित उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा पर निशाना साधते हुए कहा कि “उत्तर बिहार से आए कुछ लोग सासाराम को अपना उपनिवेश समझने की गलती कर रहे हैं।” उन्होंने शेरशाह सूरी की ऐतिहासिक धरती का जिक्र करते हुए कहा कि “यह वही सासाराम है, जिसने विदेशी हुमायूं को हराया था। यहां बाहरी लोगों की नहीं, स्थानीय जनता की चलेगी।”
