देश : साल का पहला सूर्य ग्रहण आज फाल्गुन अमावस्या के दिन लगेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाएगा और सूर्य के चारों ओर ‘रिंग ऑफ फायर’ जैसा अद्भुत दृश्य दिखाई देगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध के क्षेत्रों जैसे अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरीशस और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।
साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन लगेगा। इस अवसर पर एक वलयाकार सूर्य ग्रहण यानी ‘रिंग ऑफ फायर’ भी दिखाई देगा, जो खगोलीय नजारों में अद्भुत दृश्य पेश करेगा।
सूर्य ग्रहण
साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा और यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण यानी ‘रिंग ऑफ फायर’ होगा, जब चंद्रमा सूरज के सामने होगा लेकिन पूरी परिधि को ढक नहीं पाएगा और चारों ओर से सूर्य का उज्जवल आग जैसा छल्ला दिखाई देगा। यह ग्रहण पृथ्वी के दक्षिणी भाग में मुख्यतः अंटार्कटिका के ऊपर दिखाई देगा, जहाँ सीमित जगहों जैसे Concordia और Mirny अनुसंधान स्टेशन से पूरा “रिंग ऑफ फायर” दृश्य देखा जा सकेगा, जबकि दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अन्य दक्षिणी क्षेत्रों से आंशिक रूप में ग्रहण दिखाई देगा। भारत में इस वलयाकार सूर्य ग्रहण का कोई दृश्य नहीं मिलेगा, क्योंकि भारत इस ग्रहण के मार्ग में नहीं आता है; इसलिए यहां “रिंग ऑफ फायर” नहीं देखा जा सकेगा।
ग्रहण लगने का समय
भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण आज दोपहर लगभग 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा। इसका चरम समय शाम करीब 5 बजकर 42 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण का समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा।
भारत में नहीं लगेगा सूतक काल
भारत में इस बार सूर्य ग्रहण का सूतक काल नहीं लगेगा। यह ग्रहण कुंभ राशि में धनिष्ठा नक्षत्र के साथ घटित हो रहा है, लेकिन चूंकि इसे भारत से देखा नहीं जा सकेगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लगने वाला सूतक काल मान्य नहीं होगा।
कर सकेंगे शुभ कार्य
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, 17 फरवरी को भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए इस दिन किसी प्रकार का धार्मिक प्रतिबंध या सूतक लागू नहीं होगा। लोग इस दिन सामान्य रूप से पूजा-पाठ, शुभ कार्य और दैनिक जीवन की गतिविधियां कर सकते हैं।
यहा दिखाई देगा यह ग्रहण
17 फरवरी को लगने वाला वलयाकार सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका में दिखाई देगा, जहां “रिंग ऑफ फायर” का अद्भुत दृश्य नजर आएगा। चंद्रमा सूर्य को लगभग पूरी तरह ढक देगा और यह नजारा अंटार्कटिका महाद्वीप और दक्षिणी महासागर के आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों में देखा जा सकेगा। वहीं, आंशिक सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अटलांटिक और दक्षिणी प्रशांत महासागर तथा अंटार्कटिका के अन्य हिस्सों में भी दिखाई देगा।
