टी20 विश्व कप की शुरुआत में ग्रुप सी को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ माना जा रहा था, लेकिन बांग्लादेश के भारत में खेलने से इनकार करने के बाद आईसीसी ने उसे ग्रुप से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर दिया, जिससे पूरे ग्रुप का समीकरण बदल गया है। भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में बांग्लादेश एक मजबूत और चुनौतीपूर्ण टीम मानी जाती थी, जिसके कारण यह ग्रुप बेहद रोमांचक माना जा रहा था, लेकिन अब हालात अलग हैं। इस ग्रुप में दो-दो बार खिताब जीत चुकी वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के साथ पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाली इटली, नेपाल और स्कॉटलैंड शामिल हैं, जिससे मुकाबलों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।
टी20 विश्व कप के ग्रुप सी को पहले ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ माना जा रहा था, लेकिन बांग्लादेश के बाहर होने और स्कॉटलैंड के शामिल होने से इसकी तस्वीर बदल गई है। इस बदलाव के बाद दो-दो बार की चैंपियन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के लिए अगले दौर में पहुंचने का रास्ता अपेक्षाकृत आसान हो गया है।
टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत
टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 7 फरवरी से होने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही टूर्नामेंट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने के बाद इंग्लैंड की राह अब काफी आसान मानी जा रही है। बांग्लादेश की गैरमौजूदगी से ग्रुप समीकरण बदल गए हैं, जिससे इंग्लैंड को आगे बढ़ने में रणनीतिक बढ़त मिल सकती है। ऐसे में टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों से ही इंग्लैंड की टीम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की राह हुई आसान
बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने के बाद इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के लिए अगले दौर में पहुंचने की राह कुछ आसान हो गई है। 2010 और 2022 में खिताब जीत चुकी इंग्लैंड की टीम इस बार हैरी ब्रूक की कप्तानी में खेल रही है, जो सीमित ओवरों में कप्तान बनने के बाद पहली बार किसी वैश्विक टूर्नामेंट में टीम की कमान संभाल रहे हैं। हालांकि, 2022 टी-20 विश्व कप के बाद इंग्लैंड का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2023 वनडे विश्व कप में टीम ग्रुप चरण से बाहर हुई, 2024 टी-20 विश्व कप में सेमीफाइनल में हार मिली और चैंपियंस ट्रॉफी में भी जल्दी विदाई हुई।
टीम संयोजन की बात करें तो बल्लेबाजी में जोस बटलर, फिल साल्ट और बेन डकेट जैसे विस्फोटक खिलाड़ी मौजूद हैं, जबकि मध्यक्रम में ब्रूक और टॉम बैंटन तेजी से मैच का रुख बदलने में सक्षम हैं। उभरते ऑलराउंडर जैकब बेथेल भी टीम की मजबूती हैं, हालांकि तेज गेंदबाजी विभाग में मार्क वुड की चोट और जोफ्रा आर्चर की हालिया वापसी इंग्लैंड के लिए संभावित कमजोरी मानी जा सकती है।
नेपाल ने टी20 विश्व कप में बनाई जगह
तीन करोड़ से अधिक आबादी वाले नेपाल ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है और अब आठ फरवरी को वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला मैच खेलने उतरेगा। रोहित पौडेल की कप्तानी वाली नेपाल की टीम, जिसे कभी बुनियादी ढांचे की कमी का सामना करना पड़ा, अब विश्व कप में अपने प्रदर्शन से बड़ा मुकाम हासिल करने की कोशिश करेगी। टीम को अपने प्रशंसकों का भरपूर समर्थन मिलने की उम्मीद है और उन्हें इटली और स्कॉटलैंड को हराने का अच्छा मौका है। यदि नेपाल इंग्लैंड या वेस्टइंडीज में से किसी एक को हराने में सफल होती है, तो वह अगले दौर में प्रवेश कर जाएगी।
