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MP में बदला मौसम का मिजाज, 20 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि

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Published On: 25 February 2026

MP में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पिछले दो दिनों में प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस समय रबी फसल पकने की अवस्था में है।

मंगलवार को छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, पांढुर्णा, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, मंडला, खंडवा, सीहोर, रायसेन, इंदौर, अनूपपुर और डिंडौरी सहित कई जिलों में मौसम ने करवट ली। कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हुई तो कहीं ओले गिरे। मौसम विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार भी अधिक रही, जिससे पेड़ों और बिजली लाइनों को नुकसान की खबरें मिली हैं।

MP में बदला मौसम का मिजाज

इससे पहले 24 घंटे के दौरान श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, जबलपुर, मंडला और बालाघाट में हल्की बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, मैहर, सीधी और सिंगरौली जिलों में ओलावृष्टि ने फसलों को प्रभावित किया। ग्रामीण इलाकों से खेतों में पानी भरने और फसल झुकने की खबरें भी सामने आई हैं।

बुधवार को राहत

मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार को अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि 27 फरवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसका असर प्रदेश पर भी पड़ेगा। अनुमान है कि 1 और 2 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम रखें।

किसानों की बढ़ी चिंता

अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने की आशंका बढ़ा दी है। गेहूं और चने की फसल इस समय कटाई के करीब है। यदि आने वाले दिनों में फिर बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो नुकसान और बढ़ सकता है। प्रशासन ने भी हालात पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

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