भोपाल | मध्यप्रदेश सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश में लंबित राजस्व मामलों को निपटाने के लिए चलाए गए महा-अभियान के बाद अब तक 8 लाख 49 हजार 681 मामलों का समाधान किया जा चुका है। इसमें नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामले शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर यह अभियान दो चरणों में चलाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि फरवरी 2025 से अब तक लगातार मामले सुलझाए जा रहे हैं और यह प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है।
किस ज़िले में कितने मामले सुलझे?
राजस्व विभाग के मुताबिक, भोपाल में सबसे ज़्यादा 31,996, रीवा में 31,789 और इंदौर में 31,540 मामलों का निपटारा हुआ है। जबलपुर, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे जिलों में भी 25 हज़ार से ज़्यादा प्रकरण हल किए गए।
दूसरी ओर, कुछ जिलों में मामले कम सुलझे। जैसे अलीराजपुर में 2,550, निवाड़ी में 4,491 और पांढुर्णा में 5,016 मामले निपटाए गए।
जल्द सुलझाए जाएंगे मामले
सरकार का कहना है कि इस अभियान से राजस्व विभाग की काम करने की रफ्तार, पारदर्शिता और जिम्मेदारी साफ़ दिख रही है। आने वाले दिनों में बाकी बचे मामलों को भी जल्दी सुलझाने की योजना है।
