भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर घर को सस्ती और बिना रुकावट बिजली देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उनके मुताबिक, स्मार्ट मीटर लगवाने से उपभोक्ताओं को करीब 20 प्रतिशत तक सस्ती बिजली मिल सकती है। इससे लोग अपनी खपत खुद देख सकेंगे और जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल कर बिजली बिल घटा पाएंगे। वे बुधवार को भोपाल स्थित समत्व भवन में ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार और तेज की जाए। अब तक प्रदेश में 1.34 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है, जिनमें से 21 लाख से ज्यादा मीटर लग चुके हैं।
लाई जाए नई तकनीक
गर्मी के दिनों में बिजली गुल होने की घटनाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिना रुकावट बिजली देने के लिए सालभर मेंटीनेंस का काम जारी रहना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि पुराने उपकरणों की जगह नई तकनीक लाई जाए, पेड़ों के नीचे से गुजरने वाले तारों को कोटिंग से सुरक्षित किया जाए और लाइन लॉस कम किया जाए।
इसके अलावा, उन्होंने घरों और फैक्ट्रियों में सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा देने की बात कही ताकि उपभोक्ता खुद बिजली बना सकें और जरूरत से ज्यादा बिजली बेचकर कमाई भी कर सकें। खेती के लिए इस्तेमाल होने वाले पंप भी धीरे-धीरे सोलर पावर से जोड़े जाने की बात कही गई।
तैयारी शुरू करने के निर्देश
बैठक में यह भी तय किया गया कि रबी सीजन 2025-26 के लिए बिजली की मांग को देखते हुए अभी से तैयारी शुरू की जाए। इस बार करीब 20,200 मेगावॉट बिजली की जरूरत होने की संभावना है।
ऊर्जा मंत्री ने दी ये जानकारी
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि बकाया बिजली बिलों के समाधान के लिए छह महीने की वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाई जा रही है। इस दौरान बिल चुकाने पर अधिभार में छूट दी जाएगी, लेकिन तय समय के बाद भी भुगतान न करने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मप्र बिजली वसूली के मामले में देश में सबसे आगे है और टैरिफ कम करने, वसूली बढ़ाने और लाइन लॉस घटाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 15 अगस्त से शासकीय कार्यालयों में प्री-पेड मीटर लगना शुरू होंगे और छह बड़े शहरों में विशेष विद्युत पुलिस थाने भी खोले जाएंगे।
