भोपाल | प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों के अनियंत्रित विस्तार को रोकने के लिए समन्वित कार्य योजना तैयार की जाए। यह बात CM डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने निर्देश दिए कि सामाजिक, आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किफायती और सुविधाजनक आवास योजनाएं विकसित की जाएं, ताकि सभी वर्गों को गरिमापूर्ण जीवन का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शहरों में उद्यानों और नगर वनों के विकास को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, सभी आवासीय परियोजनाओं में पौधरोपण को अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए।
कार्रवाई की बात
भोपाल के बड़े तालाब के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों का सर्वेक्षण कराकर कार्रवाई की बात करते हुए डॉ. यादव ने संबंधित विभागों को अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नगर वनों के रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
लाड़ली बहनों और सामाजिक संस्थाओं को जोड़ने पर जोर
डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों को शीघ्र हितग्राहियों को सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराए जाएं। दीनदयाल रसोई योजना के विस्तार के लिए सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
अधोसंरचना और शहरी सेवाओं पर फोकस
बैठक के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री नगरीय अधोसंरचना निर्माण योजना में 1,070 करोड़ रुपये की लागत से 1,062 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। वहीं, जल आपूर्ति और सीवरेज से जुड़ी 333 परियोजनाओं पर लगभग 11,000 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। प्रदेश के 183 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 218 ‘पिंक शौचालय’ संचालित हो रहे हैं।
मेट्रो, ई-गवर्नेंस और नमो ट्रेन पर चर्चा
शहरों में मेट्रो लाइन के संचालन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि भोपाल और इंदौर में वर्ष 2027 तक इसकी सेवाएं शुरू हो जाएंगी। अंतरशहरी रेल सेवा के विस्तार हेतु ‘नमो ट्रेन’ की योजना बनाई जा रही है, जिसके लिए केंद्रीय रेल मंत्री से चर्चा की जाएगी। साथ ही, ई-गवर्नेंस आधारित नागरिक सेवाओं के विस्तार संबंधी निर्देश भी दिए गए।
जल संरचनाओं का संरक्षण और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग
बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की जानकारी दी गई। अब तक 36 जल संरचनाओं का पुनर्जीवन, 38 हरित क्षेत्रों का विकास और 3,963 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है। 30 नालों के गंदे पानी के शोधन के लिए एक्विफायर प्रबंधन योजना भी तैयार की गई है।
चित्रकूट के लिए 2,800 करोड़ की योजना
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि धार्मिक और पर्यटन नगरों के एकीकृत विकास के लिए कार्य हो रहा है। चित्रकूट के लिए 2,800 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसमें 800 करोड़ रुपये की डीपीआर नगरीय विकास विभाग द्वारा बनाई जा रही है। रीडेंसिफिकेशन परियोजनाओं को लेकर हाउसिंग बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं।
पदोन्नति और भर्ती प्रक्रिया पर भी चर्चा
डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध पदोन्नति देने तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, संजय शुक्ला सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
