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MP का उज्ज्वल भविष्य गढ़ रहे होनहार विद्यार्थी, मिला लैपटॉप खरीदने के लिए 235 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन

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Published On: 4 July 2025

भोपाल | मध्य प्रदेश (MP) के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि शिक्षा ही मानव विकास की धुरी है और “सबको शिक्षा” ही राज्य सरकार का विकास मंत्र है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य न सिर्फ विद्यार्थियों को पढ़ाई से जोड़ना है, बल्कि उन्हें नई तकनीक और डिजिटल शिक्षा से भी सशक्त बनाना है।

भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में डॉ. यादव ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 12वीं में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले 94,234 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 235 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एक क्लिक में अंतरित की। हर विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से यह राशि उनके खातों में भेजी गई।

लैपटॉप किए भेंट

उन्होंने घोषणा की कि अगले साल से विद्यार्थियों को राशि की बजाय सीधे 25 हजार रुपये मूल्य के अपडेटेड और उच्च गुणवत्ता वाले लैपटॉप दिए जाएंगे। इस अवसर पर मंच से 15 होनहार विद्यार्थियों को प्रतीक स्वरूप लैपटॉप भी भेंट किए गए।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश प्रमुख ने बच्चों के साथ सेल्फी लेकर उत्साहवर्धन किया और कहा कि यह योजना केवल एक डिवाइस देने की नहीं, बल्कि डिजिटल भविष्य की नींव रखने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब तक 4.32 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल चुका है और राज्य सरकार द्वारा 1080 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि खर्च की जा चुकी है।

रिजल्ट 52% रहा

डॉ. यादव ने बताया कि इस वर्ष योजना के लाभार्थियों में 60% छात्राएं और 40% छात्र हैं। उन्होंने बेटियों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि वे चुनौतियों को पार कर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को कॉपी-किताबें, गणवेश, साइकिल, स्कूटी और अब लैपटॉप भी दे रही है। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में शासकीय स्कूलों का रिजल्ट 52% रहा जबकि निजी स्कूलों का 48%, जो शासकीय शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ने का संकेत है।

प्रदेश प्रमुख ने याद दिलाया कि योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी, तब 85% अंक वालों को शामिल किया गया था और केवल 500 विद्यार्थियों को लाभ मिला था। आज 94 हजार से अधिक मेधावी इस योजना से जुड़ चुके हैं। हाल ही में 85% से ज्यादा अंक लाने वाले 15,600 विद्यार्थियों को स्कूटी भी दी गई है।

विद्यार्थियों के हैं साथ

सरकार केवल स्कूल तक ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों का साथ दे रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने वाले मेधावी छात्रों की पूरी फीस राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है। चिकित्सा शिक्षा की मजबूती के लिए नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, और इस वित्तीय वर्ष के अंत तक इनकी संख्या 36 हो जाएगी, जबकि अगले दो वर्षों में इसे 50 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभाएं निकल रही हैं। डॉ. यादव ने बताया कि वे खुद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई मंत्री भी सरकारी स्कूलों से ही शिक्षित हुए हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कही ये बात

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा। इस वर्ष पहली बार जुलाई के पहले सप्ताह में ही विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। विशिष्ट अतिथि और मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने इस पहल को डिजिटल शिक्षा की दिशा में मील का पत्थर बताया और जनजातीय विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्रावासों की घोषणा की।

ये लोग रहे मौजूद

इस मौके पर भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, भगवानदास सबनानी, जबलपुर विधायक अभिलाष पांडे, महापौर मालती राय, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद थे।

मुख्यमंत्री को आभार

प्रोत्साहन राशि पाकर विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। सुभाष एक्सीलेंस स्कूल की छात्रा नीशु पंडित ने कहा कि वह सीए बनने का सपना देख रही हैं और इस लैपटॉप से उन्हें पढ़ाई में बड़ी मदद मिलेगी। इसी स्कूल के छात्र प्रांजल कुशवाह, जिन्होंने वाणिज्य संकाय में प्रावीण्य सूची में स्थान पाया। वहीं, सभी ने मुख्यमंत्री को आभार प्रकट किया।

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