ज्योतिष | हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग भी कहा जाता है, जिसके 5 अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह भारतीय ज्योतिष और धर्मशास्त्र की एकदम सही जानकारी देता है, जिसके माध्यम से दिन, तिथि और शुभ-अशुभ समय की सटीक जानकारी प्राप्त होती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, ही हिंदू तिथि के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। पंचांग के हिन्दू तिथि में किये गये सारे काम सफलता पूर्वक सिद्ध होते है। आज के दिन से आषाढ़ माह, शुक्ल पक्ष, द्वादशी तिथि का शुभारंभ होता है।
द्वादशी तिथि
द्वादशी तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण तिथि है। यह प्रत्येक पक्ष (शुक्ल और कृष्ण) की बारहवीं तिथि होती है और इसका धार्मिक, ज्योतिषीय तथा आध्यात्मिक महत्व होता है। एकादशी व्रत का पारण अक्सर द्वादशी तिथि को किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने से पापों का नाश होता है। कामदा द्वादशी, रमा द्वादशी, गोवात्स द्वादशी, वैष्णव द्वादशी जैसे विशेष द्वादशी व्रत साल भर में आते हैं, एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में ही करना श्रेष्ठ माना गया है।
आज के तिथि में अनुराधा नक्षत्र का आगमन होता है, जिसमें सारे शुभ कार्य होते है। इसमें चंद्र की स्थिति वृश्चिक राशि वालो पर होती हैं। यदि आप इस दिन कोई व्रत, पूजा, यात्रा, नया कार्य या मंगल कार्य की योजना बना रहे हैं, तो अभिजीत मुहूर्त अप लोगों के लिये उत्तम रहेगा।
अनुराधा नक्षत्र
अनुराधा नक्षत्र वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में से 17वां नक्षत्र है। यह नक्षत्र वृश्चिक राशि (Scorpio) में आता है और इसका स्वामी शनि (Saturn) होता है। इस नक्षत्र का प्रतीक कमल का फूल होता है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी खिलने का संकेत देता है। इस नक्षत्र में लोगो को आगे बढ़ने की सफलता प्राप्त होती हैं। इस नक्षत्र में वृश्चिक राशि वालों के लिए खुशी की बात है, उनके रुके हुए सारे काम पुरे जायेंगे, लोगों को धन-धान की प्राप्ति होगी।