भोपाल | मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को अब बेहतर करियर विकल्पों की पहचान कराने के लिए विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यूनिसेफ के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के तहत हर विद्यालय में नोडल शिक्षक को प्रशिक्षित कर करियर गाइडेंस की गतिविधियों का संचालन कराया जाएगा।
विद्यालय स्तर पर गतिविधियों का संचालन
स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय ने सभी प्राचार्यों को पत्र जारी कर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। निर्देशों के अनुसार, नोडल शिक्षक और कक्षा शिक्षकों की मदद से विद्यार्थियों की करियर इनफॉर्मेशन डायरी और करियर फोल्डर तैयार कराए जाएंगे। इन डायरी और फोल्डर्स में प्रत्येक माह करियर संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी।
प्रत्येक विद्यालय में राज्य स्तरीय करियर कैलेंडर के अनुसार नियमित गतिविधियां कराई जाएंगी। स्कूल की समय-सारणी में करियर मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक माह दो पीरियड आरक्षित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, करियर प्रशिक्षित शिक्षक दो अन्य शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करेंगे, ताकि कार्यक्रम का प्रभाव व्यापक हो सके।
प्रार्थना सभा और करियर कॉर्नर की व्यवस्था
करियर जागरूकता के लिए प्रार्थना सभा का भी उपयोग किया जाएगा। सप्ताह में तीन दिन, किसी एक डोमेन से जुड़े करियर कार्ड की जानकारी साझा की जाएगी। इससे विद्यार्थियों की रूचि बढ़ेगी और वे स्वयं कार्ड पढ़कर विस्तृत जानकारी जुटा सकेंगे। प्रत्येक सांदीपनि विद्यालय में करियर कॉर्नर बनाया जाएगा, जिसमें करियर कार्ड, पोस्टर, ब्रोशर और विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। यह कॉर्नर करियर जागरूकता के लिए एक स्थायी संसाधन केंद्र होगा।
राज्य स्तरीय समीक्षा
जनवरी माह में सभी स्कूलों में करियर मेला आयोजित किया जाएगा, जिसकी रूपरेखा प्राचार्य तय करेंगे। प्राचार्य विमर्श पोर्टल पर करियर मार्गदर्शन से संबंधित मॉनिटरिंग फॉर्म भरवाने और कम से कम दो करियर कक्षाओं का निरीक्षण कर आवश्यक मार्गदर्शन देने के लिए उत्तरदायी होंगे।
राज्य स्तर पर 501 करियर कार्ड (हिंदी और अंग्रेज़ी में), पोस्टर, ब्रोशर और 7 एजुकेशनल वीडियो विमर्श पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। नोडल शिक्षकों के साथ हर महीने एक घंटे की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित होगी। अक्टूबर और दिसंबर में करियर विषयक वेबिनार भी प्रस्तावित हैं।
