भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंजाब के लुधियाना में उद्योगपतियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि MP निवेश के लिए देश का सबसे उपयुक्त गंतव्य बन चुका है। इस अवसर पर ₹15,606 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 20,275 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने लुधियाना को “भारत का मैनचेस्टर” बताते हुए उद्योगपतियों से अपील की कि वे मध्यप्रदेश को अपना दूसरा घर बनाएं।
MP एकमात्र राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहां हीरा, लोहा और सोने के भंडार एक साथ हैं। यहां उद्योगों को आवश्यक भूमि, बिजली, पानी और कुशल कार्यबल सरलता से उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से राज्य में टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में निवेश का आग्रह किया।
रोजगार के अवसर
लुधियाना में आयोजित इस इन्वेस्टर्स इंटरएक्टिव सेशन के दौरान विभिन्न उद्योग समूहों ने बड़े निवेश प्रस्ताव दिए। ट्राइडेंट ग्रुप ने ₹5,000 करोड़ का निवेश कर 6,000 रोजगार सृजित करने की घोषणा की। रालशन टायर्स द्वारा ₹2,200 करोड़ के निवेश से 2,000, वर्धमान इंडस्ट्रीज द्वारा ₹1,581 करोड़ से 2,500, एबी कोटस्पिन द्वारा ₹1,300 करोड़ से 1,500 और नाहर ग्रुप द्वारा ₹1,100 करोड़ से 1,000 रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है।
लुधियाना इंटरैक्टिव सेशन में मिले ₹15,606 करोड़ के निवेश प्रस्ताव…@DrMohanYadav51#InvestMP#FutureReadyMadhyaPradesh pic.twitter.com/OGSse6zjve
— Office of Dr. Mohan Yadav (@drmohanoffice51) July 8, 2025
इस कार्यक्रम में दीपक फास्टनर्स लिमिटेड ने सीहोर जिले में ₹1,000 करोड़ की लागत से फास्टनर निर्माण इकाई स्थापित करने की घोषणा की, जिससे 1,800 युवाओं को रोजगार मिलेगा। कंपनी के चेयरमैन श्री संजीव कालरा ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर विस्तृत योजना प्रस्तुत की।
विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरे स्थान की ओर अग्रसर है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश निवेश के लिए आदर्श स्थल बन रहा है। उन्होंने कहा कि कोयम्बटूर और सूरत के बाद यह रोड शो लुधियाना में आयोजित किया गया है, जो फरवरी 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद राज्य की निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। समिट के दौरान ₹30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह तथा एमपीआईडीसी के एमडी सुभाष कोटेचा ने राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियों, लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लैंड बैंक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध है और निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अनुमतियां दी जा रही हैं। कार्यक्रम में ट्राइडेंट के चेयरमैन राजेन्द्र गुप्ता, नाहर ग्रुप के चेयरमैन दिनेश ओसवाल, बेक्टर्स फूड्स के अनूप बेक्टर, एपीई प्लास्टिक के अंशुल अग्रवाल और अनेक अन्य प्रमुख उद्योगपति उपस्थित रहे।
