भोपाल | माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय (MCU) पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में अब साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय को मीडिया क्षेत्र में एडवांस्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित करने की बात भी कही।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं के संप्रेषण और उनकी प्रभावशीलता के सर्वे से संबंधित गतिविधियों को विश्वविद्यालय में आरंभ करने की आवश्यकता बताई।
एक वर्षीय पीजी कोर्स को मंजूरी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत, विश्वविद्यालय में एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई है। इनमें एम.ए. (जर्नलिज्म एंड क्रिएटिव राइटिंग), एम.ए. (मास कम्युनिकेशन), एम.ए. (एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस), एम.एससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एम.एसीए शामिल हैं।
इसके अलावा, यूजीसी के पीएचडी अधिनियम-2022 के अनुरूप विश्वविद्यालय के पीएचडी अधिनियम को अद्यतन करते हुए, नई प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने की अनुमति भी दी गई।
आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की समीक्षा की और आगामी कार्ययोजना को स्वीकृति दी। विश्वविद्यालय मीडिया के क्षेत्र में एडवांस्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में अपनी पहचान बनाए और आर्टिफिशियल… pic.twitter.com/2cguHcCx5n
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 8, 2025
रीवा और खंडवा परिसरों में रोजगारोन्मुखी कोर्स
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के रीवा और खंडवा परिसरों में रोजगार परक पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही रीवा परिसर के सभागार को ‘लाल बलदेव सिंह सभागार’ नाम देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी।
महापरिषद ने चतुर्थ समयमान उच्चतर वेतनमान को लागू करने, फेस डिटेक्शन मशीन से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था, और प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग के व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए प्रिंटिंग प्रेस व लैब की स्थापना के प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की।
ये लोग रहे मौजूद
बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े कई अन्य निर्णय भी लिए गए। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विश्वविद्यालय कुलपति विजय मनोहर तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े सहित महापरिषद के सदस्य उपस्थित रहे।
