नई दिल्ली | गुजरात में मंगलवार, 9 जुलाई की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, यह हादसा वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ने वाला गंभीरा पुल के अचानक ढ़हने से हुआ। यह पुल महिसागर नदी पर स्थित था और इसके गिरने से कई वाहन सीधे नदी में जा गिरे। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत की हुई है, जबकि 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है।
बताया जा रहा है कि यह पुल करीब 43 साल पुराना था और समय-समय पर इसकी मरम्मत को लेकर चेतावनियां दी गई थीं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पुल की हालत जर्जर थी। इसके बावजूद, उस पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी थी। कांग्रेस नेता अमित चावड़ा जी ने इस पुल हादसा का वीडियो लोगों के साथ सांझा किया है।
CM ने जताया शोक
गुजरात के मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है और इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा भी जल्द की जा सकती है।
આણંદ વડોદરાને જોડતા ગંભીરા બ્રિજનો એક ગાળો તૂટી જવાથી સર્જાયેલી દુઘર્ટના મનને અત્યંત વ્યથિત કરનારી છે.
રાજ્ય સરકાર આ દુર્ઘટનાથી અસરગ્રસ્ત પ્રત્યેક પરિવારની સાથે પૂરી સંવેદનાથી તેમની પડખે ઊભી છે.
દુર્ઘટનામાં જીવ ગુમાવનારા પ્રત્યેક વ્યક્તિના વારસદારને 4 લાખ રૂપિયાની સહાય રાજ્ય…
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) July 9, 2025
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि पुल की पुरानी संरचना और हाल की मूसलधार बारिश इस त्रासदी के मुख्य कारण हो सकते हैं। प्रशासन द्वारा यह भी संकेत दिया गया है कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए अन्य पुराने पुलों की समीक्षा और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
આણંદ અને વડોદરા જિલ્લાને જોડતો મુખ્ય ગંભીરા બ્રીજ તૂટી પડ્યો છે.અનેક વાહનો નદીમાં પડતા મોટી જાનહાનિ થઈ હોવાની શક્યતા છે. સરકારી તંત્ર તાત્કાલિક બચાવ કામગીરી હાથ ધરે અને ટ્રાફિક માટે વૈકલ્પિક વ્યવસ્થા કરવામાં આવે.@CMOGuj @dgpgujarat @Bhupendrapbjp @sanghaviharsh @CollectorAnd pic.twitter.com/Xn1vIB9QEs
— Amit Chavda (@AmitChavdaINC) July 9, 2025
भारी ट्रैफिक के दौरान ढहा पुल
गुजरात के वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ने वाला एक पुराना उस समय अचानक ढह गया जब उस पर भारी ट्रैफिक चल रहा था। हादसे के समय पुल पर कई वाहन मौजूद थे, जिनमें कारें, ट्रक और एक टैंकर शामिल थे। पुल के टूटते ही ये वाहन सीधा महिसागर नदी में जा गिरे।घटना के तुरंत बाद सामने आई तस्वीरों और वीडियो में एक ट्रक आधे-टूटे पुल के किनारे खतरनाक तरीके से लटका दिखाई दे रहा है, जो इस दुर्घटना की भयावहता को दर्शाता है। स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच चुके हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
मध्य गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ने वाला एकमात्र महत्वपूर्ण पुल जर्जर हालत में था।स्थानीय लोगों ने पुल की मरम्मत करने और नया पुल बनाने की मांग की थी।जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।पुल टूटने से जो लोग नदी में गिरे हैं,उनकी सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। pic.twitter.com/rzaSvPKQf6
— Dr Karan Barot🇮🇳🧹 (@khbarot) July 9, 2025
प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और जिला अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भी तेज़ गति से मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। महिसागर नदी में गिरे वाहनों और उनमें फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है। गोताखोरों की मदद से पानी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक कई घायलों को नदी से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
गुजरात के वडोदरा में महिसागर नदी पर बना गंभीरा ब्रिज बीच से टूट गया।
इस हादसे में कई वाहन नदी में गिर गए, जिसके चलते कुछ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई व कई लोग घायल हैं।
कांग्रेस परिवार पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है। साथ ही ईश्वर से प्रार्थना है कि वे… pic.twitter.com/4uZxnZDXE9
— Congress (@INCIndia) July 9, 2025
यातायात व्यवस्था ठप
गुजरात को सौराष्ट्र और आणंद, वडोदरा, भरूच, तथा अंकलेश्वर जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ता था, उसके ढहने से पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। यह पुल न केवल क्षेत्रीय आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था, बल्कि आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व था। वर्षों से इस पुल की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों द्वारा चिंता जताई जा रही थी। गुजरात में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति ने पहले से जर्जर बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि अत्यधिक वर्षा के कारण नदी में जलस्तर बढ़ गया, जिससे पुल की नींव पर असर पड़ा और वह ढह गया। इस हादसे ने एक बार फिर राज्य के बुनियादी ढांचे की मजबूती और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
