भोपाल | पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा है कि पेसा एक्ट जनजातीय समाज की स्वतंत्रता, जीवन मूल्यों और प्रकृति के प्रति आस्था को संरक्षित करने वाला कानून है। नवनियुक्त जनपद सीईओ और बीडीओ को पहली पोस्टिंग जनजातीय विकासखंडों में देकर उन्हें पेसा एक्ट की जमीनी समझ दी जा रही है।
मंत्री पटेल बुधवार को वाल्मी, भोपाल में नवनियुक्त अधिकारियों के प्रशिक्षण और पेसा कानून पर कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी पेसा मोबलाइजर्स के साथ काम करेंगे और ग्राम सभाओं की भूमिका को समझेंगे। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए और ‘स्मृति दर्पण’ पुस्तिका का विमोचन किया।
संसाधनों से होगा पंचायती राज मजबूत
पटेल ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए 1400 से अधिक नए ग्राम पंचायत भवन स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल इमारतें नहीं, बल्कि संसाधनों और माहौल की उपलब्धता से ही पंचायतें प्रभावी बनेंगी। मंत्री पटेल ने कहा कि पौधारोपण का उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनका संरक्षण भी है। अब बिना सुरक्षा और सिंचाई के कोई पौधारोपण नहीं होगा। जल स्रोत और भूमि पुनर्जीवन जैसे कार्यों पर ज़ोर दिया जा रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों में निष्काम सेवा का आह्वान
मंत्री पटेल ने कहा कि शासकीय सेवा को व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि संस्था की प्रतिष्ठा मानें। जनजातीय अंचलों में कार्यरत अधिकारी वहां की संस्कृति, जीवनदर्शन और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए स्वस्थ मन से काम करें। पटेल ने बताया कि जल स्रोतों के संरक्षण के लिए “जल गंगा संवर्धन अभियान” और पौधों के लिए “एक बगिया मां के नाम” अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत, 1 एकड़ भूमि पर बगिया लगाने पर महिलाओं को 3 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी। स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
पेसा एक्ट जनजातीय समाज की स्वतंत्रता और जीवन मूल्यों की रक्षा का कानून : पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री @prahladspatel
नवनियुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं विकासखंड अधिकारियों के प्रशिक्षण का समापन
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— Panchayat and Rural Development Department, MP (@minprdd) July 9, 2025
तकनीकी मदद से योजनाएं होंगी सफल
उन्होंने कहा कि मनरेगा कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए सिपरी सॉफ्टवेयर लागू किया गया है। इससे योजना निर्माण अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी होगा। कई योजनाएं गलत साइट चयन के कारण असफल हुईं, जिसे अब सुधारा जा रहा है।
ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, डायरेक्टर वाल्मी सरिता बाला, उप सचिव ह्रदयेश श्रीवास्तव, 20 जिलों के जिला पेसा समन्वयक, नवनियुक्त सीईओ-बीडीओ और जनजातीय विकासखंडों के अधिकारी उपस्थित थे।
