इंदौर/भोपाल | इंदौर से खंडवा के बीच बहुप्रतीक्षित ब्रॉडगेज रेलवे लाइन को लेकर बड़ी पहल हुई है। वन विभाग से मंजूरी में आ रही अड़चन दूर करने के लिए सांसद शंकर लालवानी ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अब परियोजना को प्राथमिकता पर लेकर तेजी से मंजूरी दिलाई जाएगी।
वन विभाग की अड़चन में फंसा था प्रोजेक्ट
सांसद लालवानी ने मुख्यमंत्री को बताया कि रेलवे लाइन का हिस्सा वन क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसकी स्वीकृति लंबे समय से लंबित है। इसी कारण से ट्रैक पर निर्माण कार्य रुक गया था।
CM ने दिए जरूरी निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे गंभीर मसला मानते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दे रही है और केंद्र सरकार से भी समन्वय बनाकर अनुमति जल्द दिलाई जाएगी।
दक्षिण भारत से सीधे जुड़ेगा इंदौर
सांसद लालवानी ने कहा कि इंदौर-खंडवा ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट इंदौर की दक्षिण भारत से कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इससे बैंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद जैसे शहरों तक सीधी रेल सेवा मिल सकेगी। इसका सीधा लाभ व्यापार, पर्यटन और आम यात्रियों को होगा। नए ट्रैक की लंबाई बढ़कर 80 किमी हो जाएगी। पहले मीटरगेज ट्रैक सिर्फ 48 किमी लंबा था। अब पहाड़ी इलाके में ब्रॉडगेज ट्रैक को पातालपानी से पहले घुमाकर बलवाड़ा ले जाया जा रहा है, जिससे करीब 454 हेक्टेयर भूमि वन क्षेत्र में आ रही है। यही सबसे बड़ा रोड़ा है।
रेलवे को होगा बड़ा फायदा
ब्रॉडगेज लाइन पूरी होने के बाद इंदौर से खंडवा, फिर अकोला होकर दक्षिण भारत तक सीधी और कम दूरी की रेल सेवा संभव होगी। इससे रेलवे को भी यात्री बढ़ेंगे। साथ ही, राज्य की अर्थ व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
10 साल से बंद है कनेक्टिविटी
बता दें कि पिछले एक दशक से इंदौर और खंडवा के बीच रेल सेवा बंद है। पहले मीटरगेज लाइन महू से कालाकुंड, बलवाड़ा होते हुए खंडवा तक जाती थी। अब नया ट्रैक महू से पातालपानी के पहले ही दिशा बदलकर बलवाड़ा की ओर जाएगा।
