भोपाल | महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए साल 2013 में लागू किया गया POSH कानून कार्यस्थलों पर महिला सशक्तिकरण की एक बड़ी मिसाल है। ये बात शुक्रवार को भोपाल में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में अधिकारियों ने कही। आयोजन मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा पं. सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सोनाली मिश्रा ने कहा कि POSH कानून (कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष अधिनियम) न सिर्फ कानूनी सुरक्षा देता है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक संदेश है कि कार्यस्थल पर महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा कितनी ज़रूरी है।
दुरुपयोग की भी निगरानी ज़रूरी
उन्होंने कहा कि हर ऑफिस और संस्थान में इस कानून की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि महिलाएं डर या संकोच के बिना शिकायत दर्ज करवा सकें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि महिलाओं के साथ पुरुष कर्मचारियों को भी इस कानून को लेकर ओरिएंटेशन दिया जाना चाहिए। मिश्रा ने साफ कहा कि कानून का दुरुपयोग न हो, यह देखने की जिम्मेदारी कार्यस्थल पर गठित इंटरनल कमेटी की है। यह कमेटी निष्पक्ष होकर मामले की जांच करे और पीड़िता को उचित समाधान दिलाए।
डीआईजी ने कही ये बात
डीआईजी विनीत कपूर ने कहा कि POSH एक्ट सिर्फ कागज़ी कार्रवाई नहीं, बल्कि संस्थान की संस्कृति बदलने का मौका है। उन्होंने कहा कि हर दफ्तर में शिकायत समिति के सदस्यों के नाम नोटिस बोर्ड पर साफ-साफ दिखने चाहिए। साथ ही कार्यालय परिसर में सीसीटीवी, स्वच्छ शौचालय और पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इस कानून के तहत शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
जागरूकता ज़रूरी
म.प्र. बाल संरक्षण आयोग की सदस्य निशा सक्सेना ने कहा कि यह कार्यशाला महिला कर्मचारियों को POSH एक्ट के बारे में जानकारी देने के लिए रखी गई है। वहीं महिला आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने कहा कि यह सभी संस्थानों की जिम्मेदारी है कि अपने स्टाफ को समय-समय पर POSH कानून के प्रति जागरूक करें। इससे न केवल कार्यस्थल सुरक्षित बनता है बल्कि संस्थान खुद को नैतिक और कानूनी रूप से जवाबदेह भी बनाते हैं।
कार्यक्रम में भावना त्रिपाठी ने POSH अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह से कार्यस्थलों पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार किया जा सकता है।
