भोपाल | बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा जिले के एक छात्रावास में घटित घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से स्पष्ट निर्देशों के साथ पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि “मध्यप्रदेश में सामाजिक समरसता और भाईचारे के माहौल को बिगाड़ने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जाएगी।”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संबंध में अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर कहा, “सामाजिक न्याय और आपसी सद्भाव हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर एक नागरिक को समानता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार है, और हम इस मूल्य की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
CM ने कही ये बात
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसी भी छात्र या नागरिक के साथ यदि कोई अन्याय हुआ है, तो उसे पूरी तरह उजागर किया जाएगा और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बिना किसी दबाव या भेदभाव के पूरी पारदर्शिता से जांच की जाए।
हरदा छात्रावास प्रकरण का संज्ञान लेकर मैंने जिला प्रशासन से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।
हमारी सरकार के लिए सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव सर्वोच्च प्राथमिकता है।मध्यप्रदेश में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 16, 2025
राज्यभर में चिंता का माहौल
हरदा में हुई इस घटना को लेकर राज्यभर में चिंता का माहौल है। छात्रावास जैसी जगहें जहां युवा भविष्य निर्माण करते हैं, वहां किसी भी प्रकार की असहिष्णुता या भेदभाव समाज के लिए खतरनाक संकेत है। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि राज्य सरकार इस मामले को हल्के में नहीं ले रही। प्रदेश में पहले भी जब-जब सामाजिक तनाव की स्थिति बनी है, सरकार ने तत्परता से न केवल कार्रवाई की, बल्कि संवाद और समाधान की दिशा में ठोस पहल भी की है। हरदा प्रकरण को लेकर भी यही रुख अपनाया गया है।
