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भोपाल फिर बना सफाई का सिरमौर, देश में दूसरी रैंक, राजधानी में लड्डू और जश्न की तैयारी

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Published On: 16 July 2025

भोपाल | राजधानी भोपाल एक बार फिर देश को यह दिखाने में सफल रहा है कि साफ-सफाई सिर्फ अभियान नहीं, एक आदत है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में भोपाल ने देशभर में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। पिछली बार पांचवें नंबर पर रहने वाला भोपाल अब तीन पायदान ऊपर चढ़कर टॉप-3 में पहुंच गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा इस उपलब्धि पर भोपाल को सम्मानित किया जाएगा।

इस ऐलान के बाद शहर में खुशी की लहर है। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि यह सफलता सिर्फ अफसरों या सफाईकर्मियों की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की है जो अपने मोहल्ले को साफ रखने में योगदान देता है। उन्होंने कहा, “भोपाल को दूसरी रैंक मिली है और इस मौके पर पूरे शहर में जश्न मनाया जाएगा। हर वार्ड में लड्डू बांटे जाएंगे और स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया जाएगा।”

स्वच्छता में सुधार

भोपाल की यह उपलब्धि यूं ही नहीं आई। बीते सालों में नगर निगम ने कचरा प्रबंधन को लेकर कई ठोस कदम उठाए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया, कचरा प्रोसेसिंग यूनिट्स को बेहतर किया गया और नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ाई गई। इस साल फरवरी में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के चलते शहर में 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य हुए, जिनमें स्वच्छता से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स शामिल थे। संयोग से इसी दौरान सर्वेक्षण की टीमें भी भोपाल आईं और शहर की बदली तस्वीर को देखा।

7 सालों का सफर

भोपाल ने 2017 और 2018 में भी देशभर में दूसरा स्थान पाया था। मगर इसके बाद कुछ सालों तक रैंकिंग में गिरावट आई। 2019 में भोपाल 19वें स्थान पर खिसक गया, पर 2020 में फिर से टॉप-10 में वापसी करते हुए सातवें पायदान पर पहुंचा। 2021 और 2022 में भी स्थिति स्थिर रही, जबकि 2023 में भोपाल पांचवें नंबर पर आया। इस बार फिर से पुरानी चमक लौटी और भोपाल दोबारा नंबर-2 बन गया।

मिलेगा सम्मान

भोपाल को इस बार “सबसे स्वच्छ राजधानी” का खिताब भी मिलने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश के अन्य शहरों ने भी इस बार जबरदस्त प्रदर्शन किया है। स्वच्छता की रैंकिंग में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते आ रहे भोपाल ने यह साबित कर दिया है कि अगर जनता और प्रशासन मिलकर काम करें तो कोई लक्ष्य दूर नहीं।

नगर निगम की एक टीम, मेयर मालती राय और कमिश्नर हरेंद्र नारायण पहले ही पुरस्कार लेने दिल्ली पहुंच चुके हैं। विज्ञान भवन में जब भोपाल को सम्मान मिलेगा, तब पूरे शहर की मेहनत को एक राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। इस बार सिर्फ पुरस्कार नहीं, बल्कि भोपाल को खुद पर गर्व करने का मौका मिला है।

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