भोपाल | राजधानी भोपाल के बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार की रात एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन लोगों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 55 वर्षीय चौकीदार की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हैं और एम्स अस्पताल में उनका इलाज जारी है। कार चालक हादसे के बाद फरार हो गया और फिलहाल उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना रात करीब 8 बजे की है, जब सलामतपुर (जिला रायसेन) निवासी कल्याण सिंह, जो बगरोदा की एक निर्माणाधीन फैक्ट्री में चौकीदारी करता था, अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौटने की तैयारी में था।
फैक्ट्री गेट पर उसे उसका साथी तुलाराम मिला। दोनों को उसी रास्ते पर जाना था, लिहाजा उन्होंने बाइक से गुजर रहे एक परिचित युवक नीतू सिंह से लिफ्ट ले ली।
बाइक पर तीनों सवार होकर जैसे ही औद्योगिक क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर पहुंचे, तभी पीछे से आई एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों हवा में उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल एम्बुलेंस को बुलाया और तीनों को गंभीर हालत में एम्स अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान मौत
एम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि कल्याण सिंह को सिर में गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था, लेकिन बुधवार की सुबह करीब चार बजे उनकी मौत हो गई। वहीं, तुलाराम और नीतू की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार निगरानी रख रही है।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही बगरोदा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एसआई धनराज धुर्वे ने बताया कि कार चालक की पहचान अभी नहीं हो पाई है। औद्योगिक क्षेत्र में लगे कुछ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
नहीं है सुरक्षा इंतजाम
स्थानीय लोगों का कहना है कि बगरोदा में देर रात भारी वाहन और तेज रफ्तार कारों की आवाजाही बढ़ गई है, लेकिन सड़क पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम या निगरानी नहीं है। कई बार पहले भी हादसे हो चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस हादसे ने एक बार फिर शहर में बढ़ते सड़क हादसों और बेपरवाह ड्राइविंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार अब न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहा है। पुलिस का कहना है कि कार चालक की जल्द पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ितों की मांग
बता दें कि कल्याण सिंह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चे बेसुध हैं और सिर्फ एक सवाल बार-बार पूछ रहे हैं- “हमारे सिर से साया क्यों छिन गया?”
