प्राकृतिक आपदा के चलते अमरनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक, तीर्थयात्रियों से शिविरों में रहने की अपील; सुरक्षा को मिली प्राथमिकता

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Published On: 17 July 2025

नई दिल्ली | भारी बारिश और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को दोनों मार्गों बालटाल और पहलगाम से अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए यह निर्णय लिया है ताकि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सभी तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे मौसम में सुधार और मार्गों के पूरी तरह सुरक्षित होने तक अपने-अपने आधार शिविरों में ही ठहरे रहें। जब मौसम अनुकूल हो जाएगा और मार्गों की स्थिति सामान्य होगी, तब यात्रा को पुनः शुरू किया जाएगा।

भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा को रोक दिया गया है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में और बारिश की चेतावनी दी है। पहलगाम और बालटाल दोनों आधार शिविरों से 17 जुलाई तक यात्रा स्थगित कर दी गई है क्योंकि मार्गों की मरम्मत की जा रही है।

अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित

भारी बारिश के चलते बालटाल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिसके कारण गुरुवार को श्री अमरनाथजी यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मार्ग की मरम्मत और पुनर्स्थापना कार्य तेजी से चल रहे हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) की 122 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (RCC) को प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाने और मार्गों पर यातायात बहाल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। OIC कैप्टन संजय सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मरम्मत कार्य की निगरानी के साथ-साथ मार्ग की सुरक्षा का आकलन कर रहे हैं।

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे आधार शिविरों में ही रहें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। “इसलिए उम्मीद की जा रही है कि मौसम में सुधार और मरम्मत कार्य के पूरा होने के बाद यात्रा को पुनः शुरू किया जाएगा। अब तक इस वर्ष 2.47 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा में दर्शन कर चुके हैं।”

2.47 लाख श्रद्धालुओं ने किए अब तक दर्शन

पिछले साल की तरह इस वर्ष भी अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला। 3 जुलाई को यात्रा की शुरुआत के बाद अब तक 2.47 लाख तीर्थयात्री 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में बर्फ से बने स्वाभाविक शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा की शुरुआत 2 जुलाई को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाने के साथ हुई थी। तब से लेकर अब तक 1,01,553 श्रद्धालु जम्मू स्थित आधार शिविर से कश्मीर घाटी की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। इस बार अब तक 4 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करवा चुके हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस वर्ष भी तीर्थयात्रियों की संख्या बड़ी होने की संभावना है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष 2024 में कुल 5.10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने इस पवित्र स्थल पर दर्शन किए थे। अमरनाथ गुफा मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हिमालयी वातावरण के कारण एक चुनौतीपूर्ण यात्रा स्थल भी माना जाता है।

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