भोपाल | अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (एआईजीजीपीए) में गुरुवार को “प्रभावी नीति निर्माण के लिए राज्य सांख्यिकीय और डेटा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करना” विषय पर एक दिवसीय राउंडटेबल सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नीति निर्माण से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के संयुक्त निदेशक विश्वजीत रायकवार ने कहा कि प्रदेश में डेटा संग्रह, विश्लेषण और प्रकाशन की प्रक्रियाओं को और अधिक सक्षम और उपयोगी बनाया जाना जरूरी है। उन्होंने आंकड़ों की गुणवत्ता और उनके समय पर प्रकाशन की आवश्यकता को रेखांकित किया।
सम्मेलन में iSPIRIT, IIM इंदौर, DAVV इंदौर, EDII अहमदाबाद, SPJIMR मुंबई, विश्व बैंक और कृषि मंत्रालय सहित कई संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
दी प्रस्तुति
राज्य सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा कि आंकड़े शासन की रीढ़ होते हैं। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता नीति निर्माण को प्रभावशाली बनाती है। उन्होंने सोशल मीडिया जैसे माध्यमों से आंकड़ों की व्याख्या आम लोगों तक पहुंचाने की जरूरत बताई। साथ ही, डेटा उपयोगकर्ता और डेटा प्रदाता के बीच नियमित संवाद पर भी बल दिया। एमपीएसईडीसी की मुख्य महाप्रबंधक शिवांगी जोशी ने विभागों के बीच डेटा साझा करने की प्रक्रिया, चुनौतियों और तकनीकी संभावनाओं को लेकर प्रस्तुति दी।
वहीं, पब्लिक इंडिया फाउंडेशन के वरिष्ठ फैलो और पूर्व महानिदेशक (एमओएसपीआई) आशीष कुमार ने डिजिटल युग में आंकड़ों की भूमिका पर विस्तार से बात की। उन्होंने उपग्रह डेटा, मोबाइल लेनदेन और बिजली खपत जैसे वैकल्पिक स्रोतों के माध्यम से डेटा संग्रह की संभावनाएं उजागर कीं।
इन विषयों पर चर्चा
सम्मेलन में जीडीडीपी विश्लेषण, संकेतक आधारित रिपोर्टिंग, महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की निगरानी और राज्य स्तरीय डेटा मिशन जैसे विषयों पर भी विचार हुआ। श्रीवास्तव ने शोधकर्ताओं को अधिकृत डेटा तक पहुंच देने, डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करने और ICT आधारित डेटा ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। इस कार्यक्रम का आयोजन आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय और पब्लिक इंडिया फाउंडेशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य डेटा आधारित नीति निर्माण को सशक्त बनाना और विकसित मध्यप्रदेश @2047 की दिशा में आगे बढ़ना रहा।
