भोपाल | राजधानी भोपाल की मेट्रो रेल अब पटरी पर दौड़ने के बेहद करीब पहुंच चुकी है। शहर की सड़कों पर ट्रैफिक से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि मेट्रो अब सिर्फ सपना नहीं, हकीकत बनने जा रही है। इन दिनों मेट्रो ट्रेन सुभाषनगर से एम्स के बीच 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से टेस्टिंग मोड में लगातार दौड़ रही है। रोजाना 3 से 4 घंटे तक चल रही इस नॉन-स्टॉप टेस्टिंग में 10 से 15 राउंड लगाए जा रहे हैं, जिसमें तकनीकी एक्सपर्ट ट्रैक की मजबूती से लेकर सिग्नलिंग, ब्रेकिंग और रोलिंग स्टॉक तक का गहन निरीक्षण कर रहे हैं।
सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
मेट्रो कॉरपोरेशन ने इस पूरे काम को सितंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद अक्टूबर या नवंबर में मेट्रो का औपचारिक शुभारंभ हो सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति संभावित है। एम्स, अलकापुरी और डीआरएम तिराहा जैसे अहम स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट और अन्य निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं।
पहलुओं की होगी जांच
इस प्रोजेक्ट की तकनीकी मंजूरी के लिए अब RDSO (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन) की टीम को बुलाया गया है, जो लखनऊ से आकर मेट्रो की तमाम पहलुओं की जांच करेगी। इसके लिए ज़रूरी दस्तावेज पहले ही सौंपे जा चुके हैं। जब RDSO हरी झंडी दे देगी, तब अंतिम अनुमति के लिए CMRS (कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी) की टीम भोपाल आएगी। उनकी ओके रिपोर्ट के बाद ही भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए खुल सकेगी।
ट्रैक और स्टेशन कार्य पूर्ण
भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत 2018 में हुई थी। इसमें पहला रूट एम्स से लेकर करोद तक लगभग 16 किलोमीटर लंबा है। इसमें 6.22 किलोमीटर का हिस्सा एम्स से सुभाषनगर तक प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में चिन्हित किया गया था। फिलहाल, सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशन तक मेट्रो का ट्रैक और स्टेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। डीआरएम और अलकापुरी जैसे स्टेशनों पर भी ट्रैक तक मेट्रो पहुंच चुकी है।
टेस्टिंग तेज़
बता दें कि 3 अक्टूबर 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेट्रो का ट्रायल रन किया था। उस दौरान उन्होंने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक यात्रा की थी। इसके बाद से टेस्टिंग तेज़ कर दी गई।
