भोपाल | CM डॉ. मोहन यादव ने स्पेन के बार्सिलोना में एक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से जुड़ते हुए स्पष्ट किया कि MP अब केवल संभावना नहीं, बल्कि निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद और सशक्त राज्य बन चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार अब निवेश को केवल लेन-देन नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और भावनात्मक भागीदारी मानती है। CM ने कहा कि बार्सिलोना में बसे भारतीयों की आत्मीयता ने उन्हें अपने गृहनगर उज्जैन की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपनी संस्कृति, पर्वों और मूल्यों से एक नई पहचान बना देते हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों और फ्रेंड्स ऑफ एमपी से संवाद को ‘हृदय से हृदय का जुड़ाव’ बताते हुए सरकार की विकास प्राथमिकताओं को साझा किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भारत अकेला ऐसा देश है जो 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रहा है और यह व्यवस्थागत शक्ति का प्रमाण है।
डॉ. यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए बताया कि प्रदेश में सभी प्रक्रियाएं डिजिटल हो चुकी हैं और भूमि आवंटन जैसी सेवाएं अब एक क्लिक में संभव हैं। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि लंदन के एक उद्योगपति को ऑनलाइन आवेदन के तुरंत बाद मध्यप्रदेश में ज़मीन आवंटित की गई।
पर्यटन पर सरकार का फोकस
प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा निवेश कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जो संस्थान मेडिकल कॉलेज खोलना चाहेंगे, उन्हें मात्र 1 रुपये में 25 एकड़ जमीन दी जाएगी। वहीं, होटल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट्स पर 30 करोड़ तक की सब्सिडी दी जा रही है।
IT, फार्मा और एग्रो इंडस्ट्री में अवसर
डॉ. यादव ने कहा कि टेक्सटाइल, एग्रो प्रोसेसिंग, आईटी और फार्मा जैसे सेक्टरों में अपार संभावनाएं हैं। छोटे शहरों में आईटी सेक्टर को विकसित करने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके। मध्यप्रदेश में फिलहाल 37 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिन्हें बढ़ाकर 50 करने का लक्ष्य है। साथ ही किसानों के लिए सरकार तीन लाख से अधिक सोलर पंप देने जा रही है, जिससे सिंचाई पर बिजली की निर्भरता घटेगी।
गेहूं उत्पादन में नंबर 1 बना MP
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने गेहूं उत्पादन में पंजाब को पीछे छोड़ दिया है। अब यहां फूड प्रोसेसिंग इकाइयों और एग्री क्लस्टर्स की स्थापना की जा रही है, ताकि किसान समृद्ध बनें और उद्योग भी पनपे। राहवीर योजना के तहत, सड़क हादसे में मदद करने वालों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। एयर एम्बुलेंस सेवा और आयुष्मान योजना ने स्वास्थ्य सेवा को सुलभ, भरोसेमंद बनाया है।
